ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
अग्नि / आग्नेय काण्ड (१.१.२)

अग्नि / आग्नेय काण्ड (१.१.२) वैदिक मंत्र

ॐ त्वमग्ने यज्ञानां होता विश्वेषां हितः । देवेभिर्मानुषे जने ॥

यज्ञ को लोक-कल्याणकारी बनाना एवं मनुष्य तथा अदृश्य देव-शक्तियों के मध्य निर्बाध सम्पर्क सूत्र स्थापित करना।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारवैदिक मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

यज्ञ को लोक-कल्याणकारी बनाना एवं मनुष्य तथा अदृश्य देव-शक्तियों के मध्य निर्बाध सम्पर्क सूत्र स्थापित करना।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

यज्ञ को लोक-कल्याणकारी बनाना एवं मनुष्य तथा अदृश्य देव-शक्तियों के मध्य निर्बाध सम्पर्क सूत्र स्थापित करना

जाप विधि

यज्ञीय वेदी के प्रज्ज्वलन काल में घृत अथवा समिधा अर्पित करते समय साम-स्वर में उच्चारित गान।

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