पशुपतास्त्र (अमोघ मारण) सिद्ध मंत्र
ॐ हर महेश्वरः शूल पाणी पिनक द्रिक पशुपती शिव महादेव नमः शिवाय ॥
अजेय शत्रुओं और विरोधी शक्तियों का तत्काल दमन 62। यह मंत्र भगवान शिव के प्रलयंकारी रूप का आह्वान कर साधक को जीवन की सबसे विकट बाधाओं से मुक्त कर विजय सुनिश्चित करता है 62।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
अजेय शत्रुओं और विरोधी शक्तियों का तत्काल दमन 62। यह मंत्र भगवान शिव के प्रलयंकारी रूप का आह्वान कर साधक को जीवन की सबसे विकट बाधाओं से मुक्त कर विजय सुनिश्चित करता है 62।
इस मंत्र से क्या होगा?
अजेय शत्रुओं और विरोधी शक्तियों का तत्काल दमन 62
यह मंत्र भगवान शिव के प्रलयंकारी रूप का आह्वान कर साधक को जीवन की सबसे विकट बाधाओं से मुक्त कर विजय सुनिश्चित करता है
जाप विधि
सिद्ध पशुपत यंत्र को सामने रखकर, श्री पशुपत रुद्राक्ष माला से ११ दिनों तक नित्य ७ माला जप किया जाता है 62। साधना रात ९ बजे के बाद, सोमवार या गुरु पुष्य नक्षत्र में आरंभ करनी चाहिए 62।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
ॐ कात्यायनि महामाये महायोगिन्यधीश्वरि। नन्दगोपसुतं देवि पतिं मे कुरु ते नमः॥
mool mantraॐ वरुणाय नमः
sabar mantraओम नमो महादेवी सर्व कार्य सिद्धि करनी जो पाती पूरे ब्रह्मा विष्णु महेश तीनों देवन मेरी भक्ति गुरु की शक्ति श्री गुरु गोरखनाथ की दुहाई फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा 3
ugra mantraॐ पक्षिराजाय विद्महे शरभेश्वराय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्
naam mantraसत्यनारायण
dhyan mantraबर्हापीडं नटवरवपुः कर्णयोः कर्णिकारं बिभ्रद्वासः कनककपिशं वैजयन्तीं च मालाम्। रन्ध्रान् वेणोरधरसुधया पूरयन् गोपवृन्दैर्वृन्दारण्यं स्वपदरमणं प्राविशद् गीतकीर्तिः॥