ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
पशुपतास्त्र (अमोघ मारण)

पशुपतास्त्र (अमोघ मारण) सिद्ध मंत्र

ॐ हर महेश्वरः शूल पाणी पिनक द्रिक पशुपती शिव महादेव नमः शिवाय ॥

अजेय शत्रुओं और विरोधी शक्तियों का तत्काल दमन 62। यह मंत्र भगवान शिव के प्रलयंकारी रूप का आह्वान कर साधक को जीवन की सबसे विकट बाधाओं से मुक्त कर विजय सुनिश्चित करता है 62।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

जप काउंटर लोड हो रहा है...

प्रकारसिद्ध मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

अजेय शत्रुओं और विरोधी शक्तियों का तत्काल दमन 62। यह मंत्र भगवान शिव के प्रलयंकारी रूप का आह्वान कर साधक को जीवन की सबसे विकट बाधाओं से मुक्त कर विजय सुनिश्चित करता है 62।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

अजेय शत्रुओं और विरोधी शक्तियों का तत्काल दमन 62

02

यह मंत्र भगवान शिव के प्रलयंकारी रूप का आह्वान कर साधक को जीवन की सबसे विकट बाधाओं से मुक्त कर विजय सुनिश्चित करता है

जाप विधि

सिद्ध पशुपत यंत्र को सामने रखकर, श्री पशुपत रुद्राक्ष माला से ११ दिनों तक नित्य ७ माला जप किया जाता है 62। साधना रात ९ बजे के बाद, सोमवार या गुरु पुष्य नक्षत्र में आरंभ करनी चाहिए 62।

विशेष टिप्पणियाँ

इसे भी पढ़ें

अलग-अलग श्रेणियों से

हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें

kaamya mantra

या श्रीः स्वयं सुकृतिनां भवनेष्वलक्ष्मीः पापात्मनां कृतधियां हृदयेषु बुद्धिः। श्रद्धा सतां कुलजनप्रभवस्य लज्जा तां त्वां नताः स्म परिपालय देवि विश्वम्॥

ugra mantra

ॐ ह्रीं बं बटुकाय मम आपत्ति उद्धारणाय। कुरु कुरु बटुकाय बं ह्रीं ॐ फट स्वाहा

vaidik mantra

ॐ पुनन्तु मा देवजनाः पुनन्तु मनसा धियः । पुनन्तु विश्वा भूतानि जातवेदः पुनीहि मा ॥

stotra mantra

यथार्चिषोsग्नेः सवितुर्गभस्तयो निर्यान्ति संयान्त्यसकृत् स्वरोचिषः । तथा यतोsयं गुणसंप्रवाहो बुद्धिर्मनः खानि शरीरसर्गाः ॥ 4

navgrah mantra

प्रियंगुकलिकाश्यामं रूपेणाप्रतिमं बुधम्। सौम्यं सौम्यगुणोपेतं तं बुधं प्रणमाम्यहम्॥

bhakti mantra

नीलांचल निवासाय नित्याय परमात्मने। बलभद्र सुभद्राभ्यां जगन्नाथाय ते नमः