पशुपतास्त्र (अमोघ मारण) सिद्ध मंत्र
ॐ हर महेश्वरः शूल पाणी पिनक द्रिक पशुपती शिव महादेव नमः शिवाय ॥
अजेय शत्रुओं और विरोधी शक्तियों का तत्काल दमन 62। यह मंत्र भगवान शिव के प्रलयंकारी रूप का आह्वान कर साधक को जीवन की सबसे विकट बाधाओं से मुक्त कर विजय सुनिश्चित करता है 62।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
अजेय शत्रुओं और विरोधी शक्तियों का तत्काल दमन 62। यह मंत्र भगवान शिव के प्रलयंकारी रूप का आह्वान कर साधक को जीवन की सबसे विकट बाधाओं से मुक्त कर विजय सुनिश्चित करता है 62।
इस मंत्र से क्या होगा?
अजेय शत्रुओं और विरोधी शक्तियों का तत्काल दमन 62
यह मंत्र भगवान शिव के प्रलयंकारी रूप का आह्वान कर साधक को जीवन की सबसे विकट बाधाओं से मुक्त कर विजय सुनिश्चित करता है
जाप विधि
सिद्ध पशुपत यंत्र को सामने रखकर, श्री पशुपत रुद्राक्ष माला से ११ दिनों तक नित्य ७ माला जप किया जाता है 62। साधना रात ९ बजे के बाद, सोमवार या गुरु पुष्य नक्षत्र में आरंभ करनी चाहिए 62।
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