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उद्देश्य अनुसार मंत्र
विश्वेदेवा / स्वस्तिवाचन (२५.१७)

विश्वेदेवा / स्वस्तिवाचन (२५.१७) वैदिक मंत्र

ॐ अग्निजिह्वा मनव: सूरचक्षसो विश्वे नो देवा अवसागमन्निह ।

सभी देव-शक्तियों का आवाहन, अनुष्ठान में उनकी सौम्य उपस्थिति सुनिश्चित करना एवं यज्ञ की सफलता।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारवैदिक मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

सभी देव-शक्तियों का आवाहन, अनुष्ठान में उनकी सौम्य उपस्थिति सुनिश्चित करना एवं यज्ञ की सफलता।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

सभी देव-शक्तियों का आवाहन, अनुष्ठान में उनकी सौम्य उपस्थिति सुनिश्चित करना एवं यज्ञ की सफलता

जाप विधि

देव-पूजन एवं हवन-कार्य के आरम्भ में मंगल कलश के समीप बैठकर समूह में पाठ।

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