ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
महालक्ष्मी एवं मंगल

महालक्ष्मी एवं मंगल काम्य मंत्र

ॐ ऐं ह्रीं श्रीं श्रीं नमो भगवति मम समृद्धौ ज्वल ज्वल मां सर्व सम्पदं देहि देहि मम अलक्ष्मीं नाशय नाशय फट् स्वाहा।

पुराने और असाध्य कर्ज (ऋण) से शीघ्र मुक्ति एवं दरिद्रता का नाश 7।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारकाम्य मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

पुराने और असाध्य कर्ज (ऋण) से शीघ्र मुक्ति एवं दरिद्रता का नाश 7।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

पुराने और असाध्य कर्ज (ऋण) से शीघ्र मुक्ति एवं दरिद्रता का नाश

जाप विधि

ऋण मोचन मंगल स्तोत्र के नित्य पाठ के साथ इस मंत्र का एकाग्रता से जप करें 7।

विशेष टिप्पणियाँ

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ॐ द्यौ: शान्तिरन्तरिक्षं शान्ति: पृथिवी शान्तिराप: शान्तिरोषधय: शान्ति: । वनस्पतय: शान्तिर्विश्वे देवा: शान्तिर्ब्रह्म शान्ति: सर्वं शान्ति: शान्तिरेव शान्ति: सा मा शान्तिरेधि ॥ ॐ शान्ति: शान्ति: शान्ति: ॥

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ॐ ऐं ऐं महाभैरवि एहि एहि ईशानदिशायां बन्धय बन्धय ईशानमुखं स्तम्भय स्तम्भय ईशानशस्त्रं निवारय निवारय सर्वसैन्यं कीलय कीलय पच पच मथ मथ मर्दय मर्दय ॐ ह्लीं वश्यं कुरु करु ॐ ह्लां बगलामुखि हुं फट् स्वाहा