उद्देश्य अनुसार मंत्र
महालक्ष्मी एवं मंगल
महालक्ष्मी एवं मंगल काम्य मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं श्रीं नमो भगवति मम समृद्धौ ज्वल ज्वल मां सर्व सम्पदं देहि देहि मम अलक्ष्मीं नाशय नाशय फट् स्वाहा।
पुराने और असाध्य कर्ज (ऋण) से शीघ्र मुक्ति एवं दरिद्रता का नाश 7।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारकाम्य मंत्र
प्रयोजन
यह मंत्र क्यों?
पुराने और असाध्य कर्ज (ऋण) से शीघ्र मुक्ति एवं दरिद्रता का नाश 7।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
पुराने और असाध्य कर्ज (ऋण) से शीघ्र मुक्ति एवं दरिद्रता का नाश
जाप विधि
ऋण मोचन मंगल स्तोत्र के नित्य पाठ के साथ इस मंत्र का एकाग्रता से जप करें 7।
विशेष टिप्पणियाँ
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