महालक्ष्मी एवं मंगल काम्य मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं श्रीं नमो भगवति मम समृद्धौ ज्वल ज्वल मां सर्व सम्पदं देहि देहि मम अलक्ष्मीं नाशय नाशय फट् स्वाहा।
पुराने और असाध्य कर्ज (ऋण) से शीघ्र मुक्ति एवं दरिद्रता का नाश 7।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
पुराने और असाध्य कर्ज (ऋण) से शीघ्र मुक्ति एवं दरिद्रता का नाश 7।
इस मंत्र से क्या होगा?
पुराने और असाध्य कर्ज (ऋण) से शीघ्र मुक्ति एवं दरिद्रता का नाश
जाप विधि
ऋण मोचन मंगल स्तोत्र के नित्य पाठ के साथ इस मंत्र का एकाग्रता से जप करें 7।
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श्रीम क्लीम सरस्वती बुद्ध जन्य स्वाहा सततम मंत्र राजोयम दक्षिणे मां सदावतु ऐम ह्रीम श्रीम क्लीम त्र्यक्षरो मंत्रो नैऋत्यम सर्वदावतु ओम ऐकवासिन्य स्वाहा मां वारुणेवतु ओम सर्वांबिकाय स्वाहा वायव्यमा सदावतु ओम ऐम श्रीम क्लीम गद्यवासिन्य स्वाहा माम उत्तरेवतु ऐम सर्वशास्त्र वासिन्ये स्वाहान्य सदा ओम ह्रीम सर्व पूजिता स्वाहा चोरध्वं सदावतु ओम ह्रीम पुस्तक वासिन्य स्वाहा धोमांम सदावतु ओम ग्रंथ बीज स्वरूपाय स्वाहा मां सर्वतो वतु इति कथित विप्र ब्राह्म मंत्र विग्रहम इदम विश्व जयं नाम कवचम ब्रह्म रूपकम पंचलक्ष जपे नैव सिद्धमु कवचम भवे यदि सिद्ध कवचो बृहस्पति समो भवे महा वाग्मी कविंद्र त्रैलोक्य विजयी भवेत 27
mool mantraॐ क्रीं क्रीं क्रीं हूँ हूँ ह्रीं ह्रीं दक्षिणे कालिके क्रीं क्रीं क्रीं हूँ हूँ ह्रीं ह्रीं स्वाहा
ugra mantraॐ खं खं खं सर्व शत्रु संहारणाय स्वाहा
navgrah mantraॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्राय नमः॥ (अथवा ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्रमसे नमः)
bhakti mantraॐ रामाय नमः
siddh mantraॐ ह्रीं गं हस्ति-पिशाचि-लिखे स्वाहा ।