भगवान शिव और माता पार्वती काम्य मंत्र
ॐ नमः मनोवाहिनी वृषभासनाय धीमहि तन्नो गिरिजा प्रचोदयात्।
कुंडली के विवाह दोषों की शांति और शीघ्र शुभ विवाह के योग बनाना 15।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
कुंडली के विवाह दोषों की शांति और शीघ्र शुभ विवाह के योग बनाना 15।
इस मंत्र से क्या होगा?
कुंडली के विवाह दोषों की शांति और शीघ्र शुभ विवाह के योग बनाना
जाप विधि
रोज़ सुबह शुद्ध स्नान कर शिव-पार्वती की मूर्ति के सामने शिवलिंग पर जल चढ़ाकर रुद्राक्ष की माला से १०८ बार ४१ दिनों तक लगातार जप करें 15।
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ॐ ऐं क्लीं सौः
gyan mantraउद्गीथ प्रणवोद्गीत सर्व वागीश्वरेश्वर । सर्व वेदमया चिन्त्यः सर्वं बोधय बोधय ॥
shanti mantraॐ शं नो मित्रः शं वरुणः । शं नो भवत्वर्यमा । शं न इन्द्रो बृहस्पतिः । शं नो विष्णुरुरुक्रमः । नमो ब्रह्मणे । नमस्ते वायो । त्वमेव प्रत्यक्षं ब्रह्मासि । त्वामेव प्रत्यक्षं ब्रह्म वदिष्यामि । ऋतं वदिष्यामि । सत्यं वदिष्यामि । तन्मामवतु । तद्वक्तारमवतु । अवतु माम् । अवतु वक्तारम् ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
tantrik mantraॐ ऐं ऐं महाभैरवि एहि एहि ईशानदिशायां बन्धय बन्धय ईशानमुखं स्तम्भय स्तम्भय ईशानशस्त्रं निवारय निवारय सर्वसैन्यं कीलय कीलय पच पच मथ मथ मर्दय मर्दय ॐ ह्लीं वश्यं कुरु करु ॐ ह्लां बगलामुखि हुं फट् स्वाहा
vaidik mantraॐ ईशावास्यमिदं सर्वं यत्किञ्च जगत्यां जगत् । तेन त्यक्तेन भुञ्जीथा मा गृधः कस्यस्विद्धनम् ॥
naam mantraचामुण्डा