माता दुर्गा / दुर्गा सप्तशती (सिद्ध सम्पुट स्तोत्र) स्तोत्र मंत्र
शूलेन पाहि नो देवि पाहि खड्गेन चाम्बिके। घण्टास्वनेन नः पाहि चापज्यानिःस्वनेन च॥ 24
जीवन और शरीर की हर प्रकार से रक्षा 24।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
जीवन और शरीर की हर प्रकार से रक्षा 24।
इस मंत्र से क्या होगा?
जीवन और शरीर की हर प्रकार से रक्षा
जाप विधि
संपूर्ण दुर्गा सप्तशती पाठ के अंतर्गत ज्ञानी गुरु के मार्गदर्शन में सम्पुट लगाकर जप करें 24।
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ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरूवे नमः॥
naam mantraरामचंद्र
siddh mantraॐ ऐं क्लीं सौः। क ए ल ह ह्रीं। सौः क्लीं ऐं। ॐ ऐं क्लीं सौः। क स क ह ल ह्रीं। सौः क्लीं ऐं। ॐ ऐं क्लीं सौः। स क ल ह्रीं । सौः क्लीं ऐं ॐ॥
beej mantraकं, खं, गं, घं, ङं, चं, छं, जं, झं, ञं, टं, ठं
vaidik mantraॐ ये ते पाशा वरुण सप्तसप्त त्रेधा तिष्ठन्ति विषिता रुशन्तः । छिनन्तु सर्वे अनृतं वदन्तं यः सत्यवाद्यति तं सृजन्तु ॥
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