जगदम्बा काम्य मंत्र
दुर्गे स्मृता हरसि भीतिमशेषजन्तोः स्वस्थैः स्मृता मतिमतीव शुभां ददासि। दारिद्र्यदुःखभयहारिणि का त्वदन्या सर्वोपकारकरणाय सदाऽऽर्द्रचित्ता॥
दरिद्रता, घोर दुःख और जीवन के हर प्रकार के भय का समूल विनाश 28।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
दरिद्रता, घोर दुःख और जीवन के हर प्रकार के भय का समूल विनाश 28।
इस मंत्र से क्या होगा?
दरिद्रता, घोर दुःख और जीवन के हर प्रकार के भय का समूल विनाश
जाप विधि
दुर्गा सप्तशती सम्पुट पाठ विधि के अंतर्गत नित्य पाठ करें 28।
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dhyan mantraसोऽहम्
sabar mantraकाल भैरव का जो नाम ले नर नारी उसके लिए मूठ कभी ना पड़े भारी जय जय काल भैरव देव मूठ चली हवा बनकर काल भैरव चले ढाल बनकर अष्ट हाथ भैरव जी के फैले काट दी जड़ मूठ की चढ़ा दी आकाश नीचे काटी ऊपर काटी काट दी पाताल में 11
navgrah mantraॐ शं शनैश्चराय नमः
siddh mantraकालीं कूर्चं परं नाम दक्षिणे दक्षिणे कालिके तता । वशिष्ठ मन्त्रं प्रोच्च्यार्थ मोचय दयमीश्वरि कालीं कूर्चं परे निरमेशास्याश्चापहारिणी ॥ कालीं भीमं ठटं भद्रकाली भीमं शिवस्यहि शापं मोचय युग्मापो विध्येयं चापहारिणी ॥