ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
वैदिक देवता (वायु)

वैदिक देवता (वायु) नाम मंत्र

पवन

कार्यों में अभूतपूर्व गति, आलस्य का निवारण एवं मन की निर्मलता।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

जप काउंटर लोड हो रहा है...

प्रकारनाम मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

कार्यों में अभूतपूर्व गति, आलस्य का निवारण एवं मन की निर्मलता।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

कार्यों में अभूतपूर्व गति, आलस्य का निवारण एवं मन की निर्मलता

जाप विधि

तीव्र गति से कोई कार्य करते समय स्मरण।

विशेष टिप्पणियाँ

इसे भी पढ़ें

अलग-अलग श्रेणियों से

हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें

shanti mantra

ॐ वाङ् मे मनसि प्रतिष्ठिता । मनो मे वाचि प्रतिष्ठितम् । आविरावीर्म एधि । वेदस्य म आणीस्थः । श्रुतं मे मा प्रहासीः । अनेनाधीतेनाहोरात्रान्सन्दधामि । ऋतं वदिष्यामि । सत्यं वदिष्यामि । तन्मामवतु । तद्वक्तारमवतु । अवतु माम् । अवतु वक्तारम् । अवतु वक्तारम् ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥

mool mantra

ॐ द्रां दत्तात्रेयाय नमः

ugra mantra

ॐ भम भैरवाय नमस्तुभ्यम कपाले कृपणाय चंड मुंड विनाशाय वीरभद्र स्वरूपण सर्वत्र प्रभ देव रक्षक सुरा त्रोक्य विजय संभो नमस्ते काल रूपण ओम छम काल भैरवाय क्रूर रूपाय विकिरण मूर्धने श्री नेत्राय खग धणे दुर्जया भय हराय सर्व शत्रु संारकाय स्वाहा

vaidik mantra

ॐ एह् ऊ षु ब्रवाणि तेऽग्न इत्थेतरा गिरः । एभिर्वर्धास इन्दुभिः ॥

bhakti mantra

ॐ श्री बालपरमेश्वर्यै नमः

beej mantra

ब्रिं