ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
औषधि / भेषज सूक्त (अथर्ववेद परम्परा)

औषधि / भेषज सूक्त (अथर्ववेद परम्परा) वैदिक मंत्र

ॐ आप इद्वा उ भेषजीरापो अमीवचातनीः । आपः सर्वस्य भेषजीस्तास्ते कृण्वन्तु भेषजम् ॥

जल-चिकित्सा (Hydrotherapy) द्वारा शरीर के विषैले तत्त्वों का शमन, कीटाणुओं का नाश एवं आन्तरिक अंगों की शुद्धि।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारवैदिक मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

जल-चिकित्सा (Hydrotherapy) द्वारा शरीर के विषैले तत्त्वों का शमन, कीटाणुओं का नाश एवं आन्तरिक अंगों की शुद्धि।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

जल-चिकित्सा (Hydrotherapy) द्वारा शरीर के विषैले तत्त्वों का शमन, कीटाणुओं का नाश एवं आन्तरिक अंगों की शुद्धि

जाप विधि

अस्वस्थ अवस्था में पीने के जल को हाथ में लेकर ३ बार इस मंत्र का उच्चारण कर उस अभिमंत्रित जल का पान करें।

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