ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
सविता / गायत्री मंत्र (३.६२.१०)

सविता / गायत्री मंत्र (३.६२.१०) वैदिक मंत्र

ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् ॥

बुद्धि की शुद्धि, आत्मज्ञान की प्राप्ति, सत्य की ओर प्रेरणा एवं सार्वभौमिक शांति।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारवैदिक मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

बुद्धि की शुद्धि, आत्मज्ञान की प्राप्ति, सत्य की ओर प्रेरणा एवं सार्वभौमिक शांति।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

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बुद्धि की शुद्धि, आत्मज्ञान की प्राप्ति, सत्य की ओर प्रेरणा एवं सार्वभौमिक शांति

जाप विधि

त्रिकाल संध्या (प्रातः, मध्याह्न, सायं) में पवित्र कुशासन पर बैठकर रुद्राक्ष माला से न्यूनतम १०८ बार मानसिक या उपांशु जप।

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