महालक्ष्मी (कमल-वारिणी) काम्य मंत्र
ॐ ऐं श्रीं महालक्ष्म्यै कमल-वारिण्यै गरुड़ वाहिन्यै श्रीं ह्रीं ऐं स्वाहा।
व्यापार में आर्थिक उन्नति, व्यापारिक बाधाओं का नाश और ग्राहकी वृद्धि 3।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
व्यापार में आर्थिक उन्नति, व्यापारिक बाधाओं का नाश और ग्राहकी वृद्धि 3।
इस मंत्र से क्या होगा?
व्यापार में आर्थिक उन्नति, व्यापारिक बाधाओं का नाश और ग्राहकी वृद्धि
जाप विधि
पूर्ण श्रद्धा एवं नियमों का पालन करते हुए अनुष्ठानपूर्वक नित्य जप करें 3।
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ॐ मं महिमायै नमः स्वाहा ।
stotra mantraअच्युतं केशवं सत्यभामाधवं माधवं श्रीधरमं राधिकाराधितम्। इन्दिरामन्दिरं चेतसा सुन्दरं देवकीनन्दनं नन्दजं सन्दधे।। 9
ugra mantraॐ ह्रीं श्रीं उग्र तारे तुतारे देवदत्त फट्
sabar mantraराम कुण्डली, ब्रह्मचाक । तेतीस कोटि देवा देवा अमुक की बेड़ियां । अमुकेर अंकेर बाण काटम्। शर काटम् । संधान काटम् । कुज्ञान काटम् । कारवणे काटे । राजा रामचन्द्रेर आज्ञा । राजा रामचन्द्ररे ऐई झण्डी अमुकेर अंगे शीघ्र लागूगे 25
mool mantraॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः
bhakti mantraॐ रामाय रामभद्राय रामचन्द्राय वेधसे रघुनाथाय नाथाय सीतायाः पतये नमः