ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
महालक्ष्मी (कमल-वारिणी)

महालक्ष्मी (कमल-वारिणी) काम्य मंत्र

ॐ ऐं श्रीं महालक्ष्म्यै कमल-वारिण्यै गरुड़ वाहिन्यै श्रीं ह्रीं ऐं स्वाहा।

व्यापार में आर्थिक उन्नति, व्यापारिक बाधाओं का नाश और ग्राहकी वृद्धि 3।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारकाम्य मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

व्यापार में आर्थिक उन्नति, व्यापारिक बाधाओं का नाश और ग्राहकी वृद्धि 3।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

व्यापार में आर्थिक उन्नति, व्यापारिक बाधाओं का नाश और ग्राहकी वृद्धि

जाप विधि

पूर्ण श्रद्धा एवं नियमों का पालन करते हुए अनुष्ठानपूर्वक नित्य जप करें 3।

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