मंगल नवग्रह मंत्र
ॐ वीरध्वजाय विद्महे विघ्नहस्ताय धीमहि तन्नो भौमः प्रचोदयात्।
शल्य चिकित्सा (Surgery) में सफलता, दुर्घटनाओं से बचाव और अदम्य वीरता व शौर्य की वृद्धि हेतु। 16
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
शल्य चिकित्सा (Surgery) में सफलता, दुर्घटनाओं से बचाव और अदम्य वीरता व शौर्य की वृद्धि हेतु। 16
इस मंत्र से क्या होगा?
शल्य चिकित्सा (Surgery) में सफलता, दुर्घटनाओं से बचाव और अदम्य वीरता व शौर्य की वृद्धि हेतु
जाप विधि
किसी भी साहसपूर्ण कार्य या यात्रा पर जाने से पूर्व इक्कीस बार मानसिक जप। 16
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ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः
kavach mantraॐ यद्गुह्यं परमं लोके सर्वरक्षाकरं नृणाम्। यन्न कस्यचिदाख्यातं तन्मे ब्रूहि पितामह॥ अस्ति गुह्यतमं विप्र सर्वभूतोपकारकम्। देव्यास्तु कवचं पुण्यं तच्छृणुष्व महामुने॥ प्रथमं शैलपुत्री च द्वितीयं ब्रह्मचारिणी। तृतीयं चन्द्रघण्टेति कूष्माण्डेति चतुर्थकम्॥ पञ्चमं स्कन्दमातेति षष्ठं कात्यायनीति च। सप्तमं कालरात्रीति महागौरीति चाष्टमम्॥ नवमं सिद्धिदात्री च नवदुर्गाः प्रकीर्तिताः। उक्तान्येतानि नामानि ब्रह्मणैव महात्मना॥ शाकिनी तथा अंतरिक्षचरा घोरा डाकिन्यश्च महाबलाय प्रभु तपिश न धीर वृषभ वृषभ लो कुष्मांडा ब्रॉदर यह नश्यंति दर्शनात्तस्य कवचे 9
beej mantraद्रीं
ugra mantraॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे
dhyan mantraअहं ब्रह्मास्मि
stotra mantraआपदामपहर्तारं दातारं सर्वसंपदाम् । लोकाभिरामं श्रीरामं भूयो भूयो नमाम्यहम् ॥ 16