भगवान कृष्ण नाम मंत्र
गोपीनाथ
राग-द्वेष से मुक्ति, लौकिक कामनाओं का शमन एवं गोपियों जैसी विशुद्ध, निष्काम भक्ति।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
राग-द्वेष से मुक्ति, लौकिक कामनाओं का शमन एवं गोपियों जैसी विशुद्ध, निष्काम भक्ति।
इस मंत्र से क्या होगा?
राग-द्वेष से मुक्ति, लौकिक कामनाओं का शमन एवं गोपियों जैसी विशुद्ध, निष्काम भक्ति
जाप विधि
भाव-समाधि में एकांत जप या रासलीला का स्मरण करते हुए।
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ॐ सह नाववतु । सह नौ भुनक्तु । सह वीर्यं करवावहै । तेजस्वि नावधीतमस्तु मा विद्विषावहै । ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
stotra mantraनमो विशालनेत्राय शुष्कोदर भयाकृते। 45
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dhyan mantraशान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम्। लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिहृद्ध्यानगम्यं वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्॥
beej mantraग्रां