ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
भगवान शिव

भगवान शिव नाम मंत्र

आशुतोष

भगवान शिव की शीघ्र और अकारण प्रसन्नता एवं त्वरित फल प्राप्ति।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

जप काउंटर लोड हो रहा है...

प्रकारनाम मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

भगवान शिव की शीघ्र और अकारण प्रसन्नता एवं त्वरित फल प्राप्ति।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

भगवान शिव की शीघ्र और अकारण प्रसन्नता एवं त्वरित फल प्राप्ति

जाप विधि

करुणा भाव से, आंसुओं के साथ वैखरी या उपांशु जप।

विशेष टिप्पणियाँ

इसे भी पढ़ें

अलग-अलग श्रेणियों से

हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें

jap mantra

ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा

navgrah mantra

ॐ भास्कराय विद्महे महद्द्युतिकराय धीमहि तन्नः सूर्यः प्रचोदयात्।

tantrik mantra

ॐ क्षं पक्ष ज्वाल जिव्हे कराल दंष्ट्रे प्रत्यंगिरे क्षं ह्रीं हुं फट्

vaidik mantra

ॐ अग्निमीळे पुरोहितं यज्ञस्य देवमृत्विजम् । होतारं रत्नधातमम् ॥

gyan mantra

ॐ नमो भगवति सरस्वती परमेश्वरी वाग्वादिनी मं विद्यां देहि भगवति हंसवाहिनी हंससमारूढा बुद्धिं देहि देहि प्रज्ञां देहि देहि विद्या परमेश्वरी सरस्वती स्वाहा ॥

kavach mantra

ॐ यद्गुह्यं परमं लोके सर्वरक्षाकरं नृणाम्। यन्न कस्यचिदाख्यातं तन्मे ब्रूहि पितामह॥ अस्ति गुह्यतमं विप्र सर्वभूतोपकारकम्। देव्यास्तु कवचं पुण्यं तच्छृणुष्व महामुने॥ प्रथमं शैलपुत्री च द्वितीयं ब्रह्मचारिणी। तृतीयं चन्द्रघण्टेति कूष्माण्डेति चतुर्थकम्॥ पञ्चमं स्कन्दमातेति षष्ठं कात्यायनीति च। सप्तमं कालरात्रीति महागौरीति चाष्टमम्॥ नवमं सिद्धिदात्री च नवदुर्गाः प्रकीर्तिताः। उक्तान्येतानि नामानि ब्रह्मणैव महात्मना॥ शाकिनी तथा अंतरिक्षचरा घोरा डाकिन्यश्च महाबलाय प्रभु तपिश न धीर वृषभ वृषभ लो कुष्मांडा ब्रॉदर यह नश्यंति दर्शनात्तस्य कवचे 9