नवग्रह (शुक्र) नाम मंत्र
भार्गव
सौंदर्य, कलात्मक क्षेत्रों में भारी सफलता एवं गुप्त रोगों से रक्षा।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
सौंदर्य, कलात्मक क्षेत्रों में भारी सफलता एवं गुप्त रोगों से रक्षा।
इस मंत्र से क्या होगा?
सौंदर्य, कलात्मक क्षेत्रों में भारी सफलता एवं गुप्त रोगों से रक्षा
जाप विधि
कला, अभिनय या संगीत का अभ्यास करते समय मानसिक स्मरण।
विशेष टिप्पणियाँ
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उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम्। नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्युमृत्युं नमाम्यहम्
stotra mantraनमः समस्तभूतानामादिभूताय भूभृते । अनेकरुपरुपाय विष्णवे प्रभविष्णवे ॥ 2
sabar mantraगुरु गोरखनाथ की दुहाई। भूत-प्रेत भागे, मारो घुड़ाई। शब्द सांचा, पीर मेरा पावना। गुरु गोरखनाथ की आग्या 13
ugra mantraॐ ऐं ह्रीं क्लीं प्रत्यंगिरे सर्वदुष्टान प्राचं छिन्धि छिन्धि
navgrah mantraॐ ह्रीं श्रीं ख्रीं ऐं ग्लौं ग्रहाधिपतये बृहस्पतये ब्रीं ठः ऐं ठः श्रीं ठः स्वाहा॥
kavach mantraश्रीम क्लीम सरस्वती बुद्ध जन्य स्वाहा सततम मंत्र राजोयम दक्षिणे मां सदावतु ऐम ह्रीम श्रीम क्लीम त्र्यक्षरो मंत्रो नैऋत्यम सर्वदावतु ओम ऐकवासिन्य स्वाहा मां वारुणेवतु ओम सर्वांबिकाय स्वाहा वायव्यमा सदावतु ओम ऐम श्रीम क्लीम गद्यवासिन्य स्वाहा माम उत्तरेवतु ऐम सर्वशास्त्र वासिन्ये स्वाहान्य सदा ओम ह्रीम सर्व पूजिता स्वाहा चोरध्वं सदावतु ओम ह्रीम पुस्तक वासिन्य स्वाहा धोमांम सदावतु ओम ग्रंथ बीज स्वरूपाय स्वाहा मां सर्वतो वतु इति कथित विप्र ब्राह्म मंत्र विग्रहम इदम विश्व जयं नाम कवचम ब्रह्म रूपकम पंचलक्ष जपे नैव सिद्धमु कवचम भवे यदि सिद्ध कवचो बृहस्पति समो भवे महा वाग्मी कविंद्र त्रैलोक्य विजयी भवेत 27