वैदिक देवता (अग्नि) नाम मंत्र
अग्नि
शरीर में ऊर्जा, पाचन तंत्र की मजबूती एवं विचारों की भयंकर पवित्रता।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
शरीर में ऊर्जा, पाचन तंत्र की मजबूती एवं विचारों की भयंकर पवित्रता।
इस मंत्र से क्या होगा?
शरीर में ऊर्जा, पाचन तंत्र की मजबूती एवं विचारों की भयंकर पवित्रता
जाप विधि
दीपक या यज्ञ की अग्नि प्रज्वलित करते समय वैखरी उच्चारण।
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जय गणेश जय जय गणनाता
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