श्री गणेश जप मंत्र
ॐ श्रीं गं गणपतये नमः
समृद्धि और विघ्नों के एक साथ शमन हेतु। 57
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
समृद्धि और विघ्नों के एक साथ शमन हेतु। 57
इस मंत्र से क्या होगा?
समृद्धि और विघ्नों के एक साथ शमन हेतु
जाप विधि
१०८ बार नित्य जप। 57
विशेष टिप्पणियाँ
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आ मां मेधा सुरभिर्विश्वरुपा हिरण्यवर्णा जगती जगम्या । ऊर्जस्वती पयसा पिन्वमाना सा मां मेधा सुप्रतीका जुषन्ताम् ॥
sabar mantraकाल भैरव का जो नाम ले नर नारी उसके लिए मूठ कभी ना पड़े भारी जय जय काल भैरव देव मूठ चली हवा बनकर काल भैरव चले ढाल बनकर अष्ट हाथ भैरव जी के फैले काट दी जड़ मूठ की चढ़ा दी आकाश नीचे काटी ऊपर काटी काट दी पाताल में 11
vaidik mantraॐ अग्निं दूतं वृणीमहे होतारं विश्ववेदसम् । अस्य यज्ञस्य सुक्रतुम् ॥
navgrah mantraदधिशंख तुषाराभं क्षीरोदार्णव सम्भवम्। नमामि शशिनं सोमं शम्भोर्मुकुट भूषणम्॥
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bhakti mantraश्री कृष्णः शरणं मम