भगवान श्री राम भक्ति मंत्र
ॐ रामाय रामभद्राय रामचन्द्राय वेधसे रघुनाथाय नाथाय सीतायाः पतये नमः
यह मंत्र जीवन के सभी भय और चिंताओं को समाप्त करता है, रघुवंश के स्वामी के प्रति दास्य भाव उत्पन्न करता है और व्यक्ति के भीतर आध्यात्मिक अखंडता तथा आत्म-नियंत्रण स्थापित करता है 37।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
यह मंत्र जीवन के सभी भय और चिंताओं को समाप्त करता है, रघुवंश के स्वामी के प्रति दास्य भाव उत्पन्न करता है और व्यक्ति के भीतर आध्यात्मिक अखंडता तथा आत्म-नियंत्रण स्थापित करता है 37।
इस मंत्र से क्या होगा?
यह मंत्र जीवन के सभी भय और चिंताओं को समाप्त करता है, रघुवंश के स्वामी के प्रति दास्य भाव उत्पन्न करता है और व्यक्ति के भीतर आध्यात्मिक अखंडता तथा आत्म-नियंत्रण स्थापित करता है
जाप विधि
यह अष्टाक्षर युक्त विस्तृत मंत्र है जिसका जप तुलसी की माला पर स्वच्छ आसन पर बैठकर किया जाता है 39। जप के दौरान भगवान के विभिन्न कल्याणकारी गुणों (रामभद्र, रामचन्द्र, रघुनाथ) का स्मरण करना चाहिए 39।
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बांके बिहारी
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