ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
काल भैरव (क्रूर शत्रुनाशक स्वरूप)

काल भैरव (क्रूर शत्रुनाशक स्वरूप) उग्र मंत्र

ॐ भम भैरवाय नमस्तुभ्यम कपाले कृपणाय चंड मुंड विनाशाय वीरभद्र स्वरूपण सर्वत्र प्रभ देव रक्षक सुरा त्रोक्य विजय संभो नमस्ते काल रूपण ओम छम काल भैरवाय क्रूर रूपाय विकिरण मूर्धने श्री नेत्राय खग धणे दुर्जया भय हराय सर्व शत्रु संारकाय स्वाहा

शत्रु की चाल को भस्म करना, क्रूर व छिपे हुए शत्रुओं का पूर्ण विनाश और प्राणिक रक्षा 25।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारउग्र मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

शत्रु की चाल को भस्म करना, क्रूर व छिपे हुए शत्रुओं का पूर्ण विनाश और प्राणिक रक्षा 25।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

शत्रु की चाल को भस्म करना, क्रूर व छिपे हुए शत्रुओं का पूर्ण विनाश और प्राणिक रक्षा

जाप विधि

काल भैरव के घोर और क्रूर रूप का ध्यान करते हुए, चिंतामुक्त होकर पूर्ण भरोसे के साथ मंत्र का निरंतर 108 बार पाठ व श्रवण 25।

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