त्रिपुर भैरव उग्र मंत्र
ह्रीं श्रीं हंसः ह्सौं स्वाहा
तांत्रिक षट्कर्म की पूर्णता तथा उग्र भैरव की सर्वोच्च कृपा और आध्यात्मिक शक्ति की प्राप्ति 12।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
तांत्रिक षट्कर्म की पूर्णता तथा उग्र भैरव की सर्वोच्च कृपा और आध्यात्मिक शक्ति की प्राप्ति 12।
इस मंत्र से क्या होगा?
तांत्रिक षट्कर्म की पूर्णता तथा उग्र भैरव की सर्वोच्च कृपा और आध्यात्मिक शक्ति की प्राप्ति
जाप विधि
भैरव तंत्र के अंतर्गत गुरु-शिष्य परंपरा से प्राप्त गुप्त विधि द्वारा षडंग न्यास के साथ जप 12।
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jap mantraश्री राम दूताय नम:
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sabar mantraराम कुण्डली, ब्रह्मचाक । तेतीस कोटि देवा देवा अमुक की बेड़ियां । अमुकेर अंकेर बाण काटम्। शर काटम् । संधान काटम् । कुज्ञान काटम् । कारवणे काटे । राजा रामचन्द्रेर आज्ञा । राजा रामचन्द्ररे ऐई झण्डी अमुकेर अंगे शीघ्र लागूगे 25
dhyan mantraॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्॥