ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
परब्रह्म (प्रणव)

परब्रह्म (प्रणव) जप मंत्र

ब्रह्मांडीय लय से तादात्म्य, हृदय गति का शमन, मन की पूर्ण शांति और मोक्ष। 2

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारजप मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

ब्रह्मांडीय लय से तादात्म्य, हृदय गति का शमन, मन की पूर्ण शांति और मोक्ष। 2

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

ब्रह्मांडीय लय से तादात्म्य, हृदय गति का शमन, मन की पूर्ण शांति और मोक्ष

जाप विधि

बिना माला या रुद्राक्ष माला से १०८ बार या निरंतर मानसिक जप। 2

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