भगवान हयग्रीव (वेदमय वागीश्वर स्वरूप) ज्ञान मंत्र
उद्गीथ प्रणवोद्गीत सर्व वागीश्वरेश्वर । सर्व वेदमया चिन्त्यः सर्वं बोधय बोधय ॥
वेदों, उपनिषदों और गूढ़ शास्त्रों का मर्म समझने की आत्मिक क्षमता (Enlightenment) प्राप्त करना 15।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
वेदों, उपनिषदों और गूढ़ शास्त्रों का मर्म समझने की आत्मिक क्षमता (Enlightenment) प्राप्त करना 15।
इस मंत्र से क्या होगा?
वेदों, उपनिषदों और गूढ़ शास्त्रों का मर्म समझने की आत्मिक क्षमता (Enlightenment) प्राप्त करना
जाप विधि
शास्त्रों के गंभीर अध्ययन तथा गूढ़ ज्ञानार्जन से पूर्व जप 15।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
भ्रौं
vaidik mantraॐ ऋतञ्च सत्यं चाभीद्धात्तपसोऽध्यजायत । ततो रात्र्यजायत ततः समुद्रो अर्णवः ॥
stotra mantraपद्मासनस्थिते देवि परब्रह्मस्वरूपिणि । परमेशि जगन्माता महालक्ष्मि नमोऽस्तु ते ॥ 29
tantrik mantraॐ हूं गं ग्लौं हरिद्रा गणपतये वर वरद सर्व जन हृदयं स्तम्भय स्तम्भय स्वाहा
navgrah mantraॐ अश्वध्वजाय विद्महे पाशहस्ताय धीमहि तन्नः सूर्यः प्रचोदयात्।
naam mantraश्री