ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
माँ मुखकमलवासिनी सरस्वती

माँ मुखकमलवासिनी सरस्वती ज्ञान मंत्र

ॐ अर्हं मुखकमलवासिनी पापात्मक्षयंकारी वद वद वाग्वादिनी सरस्वती ऐं ह्रीं नमः स्वाहा ॥

पाप-कर्मों का क्षय, वाणी में शुद्धता एवं प्रभाव, तथा विद्या-ऐश्वर्य की प्राप्ति 4।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारज्ञान मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

पाप-कर्मों का क्षय, वाणी में शुद्धता एवं प्रभाव, तथा विद्या-ऐश्वर्य की प्राप्ति 4।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

पाप-कर्मों का क्षय, वाणी में शुद्धता एवं प्रभाव, तथा विद्या-ऐश्वर्य की प्राप्ति

जाप विधि

पवित्र अवस्था में विद्या और ऐश्वर्य प्राप्ति हेतु जप 4।

विशेष टिप्पणियाँ

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स वै न देवासुरमर्त्यतिर्यंग न स्त्री न षण्डो न पुमान न जन्तुः । नायं गुणः कर्म न सन्न चासन निषेधशेषो जयतादशेषः ॥ 4