माँ सरस्वती (ब्रह्मवैवर्त पुराणोक्त मूल विद्या) ज्ञान मंत्र
श्रीं ह्रीं सरस्वत्यै स्वाहा ॥
पूर्ण विद्या-सिद्धि, कुशाग्र बुद्धि, और सर्वोच्च ज्ञान-शिखर की प्राप्ति 13।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
पूर्ण विद्या-सिद्धि, कुशाग्र बुद्धि, और सर्वोच्च ज्ञान-शिखर की प्राप्ति 13।
इस मंत्र से क्या होगा?
पूर्ण विद्या-सिद्धि, कुशाग्र बुद्धि, और सर्वोच्च ज्ञान-शिखर की प्राप्ति
जाप विधि
वसन्त पंचमी के दिन षोडशोपचार पूजा के साथ तथा तदुपरांत नित्य जप 13।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
अच्युतानन्त गोविन्द नामोच्चारणभेषजात्। नश्यन्ति सकला रोगाः सत्यं सत्यं वदाम्यहम्॥
naam mantraशिव शिव
bhakti mantraसीता राम सीता राम जय जय सीता राम
dhyan mantraमनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्। वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये॥
siddh mantraॐ श्रीं ह्रीं क्लीं कृष्णाय गोविन्दाय गोपीजन वल्लभाय पराय परमपुरुषाय परात्मने परकर्म मन्त्र यन्त्र तन्त्र औषध विष आभिचार अस्त्र शस्त्र संहर संहर मृत्युर् मोचय मोचय । ॐ नमो भगवते महा सुदर्शनाय । ॐ प्रीं रीं रुँ दीप्त्रेय ज्वलापरीताय सर्वदिग्क्षोभनकाराय कारय हुं फट् परब्रह्मणे परमज्योतिषे स्वाहा ।
sabar mantraक्रिम कामाख्या माई निज भैरव के संग आई देवे मनोवांछित सिद्धि पूरे सब कामना लेवे अडहुल का फूल सब स्त्री तोरा रूप मनसा पूरो माई तो शंकर की दुहाई क्रिंग क्रिंग क्रीम 18