भगवान नृसिंह काम्य मंत्र
ॐ पातु शिरसि नित्यं पातु ह्रीं कण्ठदेशके। नृसिंह पातु हृदये आपदुद्धारणाय च॥
शत्रु बाधा का तीव्र निवारण, अकाल मृत्यु का भय दूर करना और घोर जीवन-संकटों से रक्षा 25।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
शत्रु बाधा का तीव्र निवारण, अकाल मृत्यु का भय दूर करना और घोर जीवन-संकटों से रक्षा 25।
इस मंत्र से क्या होगा?
शत्रु बाधा का तीव्र निवारण, अकाल मृत्यु का भय दूर करना और घोर जीवन-संकटों से रक्षा
जाप विधि
उग्र और संकट की स्थिति में सात्विकता और दृढ़ संकल्प के साथ नित्य जप करें 25।
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