भगवान हयग्रीव (सर्वविद्या आधार स्वरूप) ज्ञान मंत्र
ज्ञानम् आनंद मयं देवं निर्मल स्पटिकाकृतिम् । आधारं सर्व विद्यानां हयग्रीवं उपास्मे ॥
अज्ञान का समूल नाश, आनंदमयी विद्या की प्राप्ति और स्मरण शक्ति का तीव्र विकास 15।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
अज्ञान का समूल नाश, आनंदमयी विद्या की प्राप्ति और स्मरण शक्ति का तीव्र विकास 15।
इस मंत्र से क्या होगा?
अज्ञान का समूल नाश, आनंदमयी विद्या की प्राप्ति और स्मरण शक्ति का तीव्र विकास
जाप विधि
अध्ययन आरम्भ करने से पूर्व भगवान का ध्यान करते हुए पाठ 15।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
ॐ त्रिपुरायै विद्महे महाभैरव्यै धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात् ॥
ugra mantraॐ स्त्रीं आं अक्षोभ्य स्वाहा
stotra mantraसनत्कुमारो वतु कामदेवाद्धयशीर्षा मां पथि देवहेलनात्। देवर्षिवर्यः पुरूषार्चनान्तरात् कूर्मो हरिर्मां निरयादशेषात्।। 7
vaidik mantraॐ स्वस्ति मात्र उत पित्रे नो अस्तु स्वस्ति गोभ्यो जगते पुरुषेभ्यः । विश्वं सुभूतं सुविदत्रं नो अस्तु ज्योगेव दृशेम सूर्यम् ॥
shanti mantraॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
naam mantraहरि