विश्वरूपा हिरण्यवर्णा मेधा ज्ञान मंत्र
आ मां मेधा सुरभिर्विश्वरुपा हिरण्यवर्णा जगती जगम्या । ऊर्जस्वती पयसा पिन्वमाना सा मां मेधा सुप्रतीका जुषन्ताम् ॥
ज्ञानरूपी ऊर्जा की प्राप्ति और मस्तिष्क की समस्त क्षमताओं का सर्वांगीण जागरण 2।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
ज्ञानरूपी ऊर्जा की प्राप्ति और मस्तिष्क की समस्त क्षमताओं का सर्वांगीण जागरण 2।
इस मंत्र से क्या होगा?
ज्ञानरूपी ऊर्जा की प्राप्ति और मस्तिष्क की समस्त क्षमताओं का सर्वांगीण जागरण
जाप विधि
विद्यार्थियों एवं ज्ञान साधकों द्वारा नित्य प्रातः सस्वर पाठ 2।
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ह्रीं हुं
siddh mantraकालीं कूर्चं परं नाम दक्षिणे दक्षिणे कालिके तता । वशिष्ठ मन्त्रं प्रोच्च्यार्थ मोचय दयमीश्वरि कालीं कूर्चं परे निरमेशास्याश्चापहारिणी ॥ कालीं भीमं ठटं भद्रकाली भीमं शिवस्यहि शापं मोचय युग्मापो विध्येयं चापहारिणी ॥
stotra mantraईशानः प्राणदः प्राणो ज्येष्ठः श्रेष्ठः प्रजापतिः । हिरण्यगर्भो भूगर्भो माधवो मधुसूदनः ॥ 12
naam mantraमार्तंड
sabar mantraकाल भैरव का जो नाम ले नर नारी उसके लिए मूठ कभी ना पड़े भारी जय जय काल भैरव देव मूठ चली हवा बनकर काल भैरव चले ढाल बनकर अष्ट हाथ भैरव जी के फैले काट दी जड़ मूठ की चढ़ा दी आकाश नीचे काटी ऊपर काटी काट दी पाताल में 11
tantrik mantraॐ हस्ति पिशाचि लिखे स्वाहा अस्त्राय फट्