आत्मतत्त्व (अयमात्मा ब्रह्म) ज्ञान मंत्र
अयमात्मा ब्रह्म
अंतर्निहित पूर्ण ज्ञान और शाश्वत विद्या की जाग्रति 8।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
अंतर्निहित पूर्ण ज्ञान और शाश्वत विद्या की जाग्रति 8।
इस मंत्र से क्या होगा?
अंतर्निहित पूर्ण ज्ञान और शाश्वत विद्या की जाग्रति
जाप विधि
ध्यान एवं वेदान्त अध्ययन के समय अभ्यास 8।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
ॐ कार्तिकेयाय विद्महे वल्लीनाथाय धीमहि तन्नो स्कन्दः प्रचोदयात्
ugra mantraॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे श्मशान कालिकायै सर्व बाधा निवारणाय सर्व शत्रु संहारणाय मम रक्षां कुरु कुरु स्वाहा
siddh mantraॐ ऐं क्लीं सौः। क ए ल ह ह्रीं। सौः क्लीं ऐं। ॐ ऐं क्लीं सौः। क स क ह ल ह्रीं। सौः क्लीं ऐं। ॐ ऐं क्लीं सौः। स क ल ह्रीं । सौः क्लीं ऐं ॐ॥
navgrah mantraॐ प्र वः शुक्राय भानवे भरध्वं हव्यं मतिं चाग्नये सुपूतम्। यो दैव्यानि मानुषा जनूंष्यन्तर्विश्वानि विद्मना जिगाति।।
tantrik mantraॐ नमो भगवते स्वर्णाकर्षण भैरवाय धन धान्य वृद्धिकराय शीघ्रं वश्यं कुरु कुरु स्वाहा
bhakti mantraॐ श्री कृष्णाय नमः