ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
तत्त्वज्ञान (तत्त्वमसि)

तत्त्वज्ञान (तत्त्वमसि) ज्ञान मंत्र

तत्त्वमसि

जीव और परमतत्त्व की एकता का ज्ञान, अज्ञान-तिमिर का समूल नाश 8।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

जप काउंटर लोड हो रहा है...

प्रकारज्ञान मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

जीव और परमतत्त्व की एकता का ज्ञान, अज्ञान-तिमिर का समूल नाश 8।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

जीव और परमतत्त्व की एकता का ज्ञान, अज्ञान-तिमिर का समूल नाश

जाप विधि

गुरु मुख से श्रवण उपरांत निरंतर मनन और अभ्यास 8।

विशेष टिप्पणियाँ

इसे भी पढ़ें

अलग-अलग श्रेणियों से

हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें

naam mantra

अच्युत

shanti mantra

ॐ द्यौः शान्तिरन्तरिक्षं शान्तिः पृथिवी शान्तिरापः शान्तिरोषधयः शान्तिः । वनस्पतयः शान्तिर्विश्वेदेवाः शान्तिर्ब्रह्म शान्तिः सर्वं शान्तिः शान्तिरेव शान्तिः सा मा शान्तिरेधि ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥

bhakti mantra

ॐ श्री त्रिपुरसुन्दर्यै नमः

navgrah mantra

ॐ वीरध्वजाय विद्महे विघ्नहस्ताय धीमहि तन्नो भौमः प्रचोदयात्।

tantrik mantra

ॐ ऐं ऐं महाभैरवि एहि एहि ईशानदिशायां बन्धय बन्धय ईशानमुखं स्तम्भय स्तम्भय ईशानशस्त्रं निवारय निवारय सर्वसैन्यं कीलय कीलय पच पच मथ मथ मर्दय मर्दय ॐ ह्लीं वश्यं कुरु करु ॐ ह्लां बगलामुखि हुं फट् स्वाहा

stotra mantra

राक्षसक्षोभित: सीतया शोभितो दण्डकारण्यभूपुण्यताकारण:। लक्ष्मणेनान्वितो वानरै: सेवितो- Sगस्त्यसम्पूजितो राघव: पातु माम्।। 9