माँ सरस्वती (परमेश्वरी बुद्धिप्रदा) ज्ञान मंत्र
शुक्लां ब्रह्मविचारसारपरमामाद्यां जगद्व्यापिनीं वीणापुस्तकधारिणीमभयदां जाड्यान्धकारापहाम् । हस्ते स्फाटिकमालिकां विदधतीं पद्मासने संस्थितां वन्दे तां परमेश्वरीं भगवतीं बुद्धिप्रदां शारदाम् ॥
अज्ञान रूपी अंधकार का नाश और परम कुशाग्र बुद्धि व ज्ञान की प्राप्ति 4।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
अज्ञान रूपी अंधकार का नाश और परम कुशाग्र बुद्धि व ज्ञान की प्राप्ति 4।
इस मंत्र से क्या होगा?
अज्ञान रूपी अंधकार का नाश और परम कुशाग्र बुद्धि व ज्ञान की प्राप्ति
जाप विधि
नित्य प्रातः अथवा अध्ययन से पूर्व एकाग्रचित्त होकर पाठ 4।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं त्रिपुर सुंदरीयै नमः ॥
ugra mantraॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे श्मशान कालिकायै सर्व बाधा निवारणाय सर्व शत्रु संहारणाय मम रक्षां कुरु कुरु स्वाहा
sabar mantraओम नमो आदेश गुरु को कामरूप कामाख्या माई अपनी शक्ति से अमुक मेरी इच्छा पूरी करो ना करो तो ईश्वर महादेव की दुहाई 19
dhyan mantraसोऽहम्
navgrah mantraॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः॥
bhakti mantraॐ गौरीशंकराय नमः