माता बगलामुखी (महाविद्या) जप मंत्र
ॐ ह्रीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्रीं ॐ स्वाहा
प्रबल शत्रुओं का स्तम्भन, वाक् सिद्धि, मुकदमों (कोर्ट-कचहरी) में विजय, और तांत्रिक मारण प्रयोगों से रक्षा। 52
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
प्रबल शत्रुओं का स्तम्भन, वाक् सिद्धि, मुकदमों (कोर्ट-कचहरी) में विजय, और तांत्रिक मारण प्रयोगों से रक्षा। 52
इस मंत्र से क्या होगा?
प्रबल शत्रुओं का स्तम्भन, वाक् सिद्धि, मुकदमों (कोर्ट-कचहरी) में विजय, और तांत्रिक मारण प्रयोगों से रक्षा
जाप विधि
रात्रि १० से ४ बजे के मध्य, हल्दी की माला से १,०८,००० जप अनुष्ठान, पीले वस्त्र एवं पीला आसन अनिवार्य। ब्रह्मचर्य और नमक-शक्कर रहित आहार। 52
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
त्रीं
ugra mantraह्रीं क्षं भक्ष ज्वाला जिह्वे कराल दंष्ट्रे प्रत्यंगिरे क्षं ह्रीं हूं फट्
siddh mantraॐ ह्रीं गं हस्ति-पिशाचि-लिखे स्वाहा ।
dhyan mantraशान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम्। लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिहृद्ध्यानगम्यं वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्॥
sabar mantraॐ पीर बजरंगी राम लक्ष्मण के संगी, जहां जहां जाए, फतह के डंके बजाये, दुहाई माता अञ्जनि की आन 9
navgrah mantraॐ चित्रवर्णाय विद्महे सर्परूपाय धीमहि तन्नः केतुः प्रचोदयात्।