माता बगलामुखी (महाविद्या) जप मंत्र
ॐ ह्रीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्रीं ॐ स्वाहा
प्रबल शत्रुओं का स्तम्भन, वाक् सिद्धि, मुकदमों (कोर्ट-कचहरी) में विजय, और तांत्रिक मारण प्रयोगों से रक्षा। 52
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
प्रबल शत्रुओं का स्तम्भन, वाक् सिद्धि, मुकदमों (कोर्ट-कचहरी) में विजय, और तांत्रिक मारण प्रयोगों से रक्षा। 52
इस मंत्र से क्या होगा?
प्रबल शत्रुओं का स्तम्भन, वाक् सिद्धि, मुकदमों (कोर्ट-कचहरी) में विजय, और तांत्रिक मारण प्रयोगों से रक्षा
जाप विधि
रात्रि १० से ४ बजे के मध्य, हल्दी की माला से १,०८,००० जप अनुष्ठान, पीले वस्त्र एवं पीला आसन अनिवार्य। ब्रह्मचर्य और नमक-शक्कर रहित आहार। 52
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इदं मे ब्रह्म च क्षत्रं चोभे श्रियमश्नुताम् । मयि देवा दधतु श्रियमुत्तमां तस्यै ते स्वाहा ॥
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