केतु बीज बीज मंत्र
कें
केतु दोष की सामान्य शांति 63। वैदिक देवता एवं पंचतत्त्व (इंद्र, अग्नि, वायु, वरुण, ईशान)
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
केतु दोष की सामान्य शांति 63। वैदिक देवता एवं पंचतत्त्व (इंद्र, अग्नि, वायु, वरुण, ईशान)
इस मंत्र से क्या होगा?
केतु दोष की सामान्य शांति 63
वैदिक देवता एवं पंचतत्त्व (इंद्र, अग्नि, वायु, वरुण, ईशान)
जाप विधि
रात के समय 108 बार 63।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
ॐ अहं रुद्रेभिर्वसुभिश्चरामि अहमादित्यैरुत विश्वदेवैः । अहं मित्रावरुणोभा बिभर्म्यहमिन्द्राग्नी अहमश्विनोभा ॥
stotra mantraविष्णवे जिष्णवे शंखिने चक्रिणे रुक्मिणीरागिणे जानकीजानये। वल्लवीवल्लभायार्चितायात्मने कंसविध्वंसिने वंशिने ते नम:।। 9
bhakti mantraॐ श्री कालिकायै नमः
navgrah mantraॐ श्रीं क्रीं ह्रां चं चन्द्राय नमः॥
naam mantraकेतु
shanti mantraॐ आप्यायन्तु ममाङ्गानि वाक्प्राणश्चक्षुः श्रोत्रमथो बलमिन्द्रियाणि च सर्वाणि । सर्वं ब्रह्मोपनिषदं माहं ब्रह्म निराकुर्यां मा मा ब्रह्म निराकरोदनिराकरणमस्त्वनिराकरणं मे अस्तु । तदात्मनि निरते य उपनिषत्सु धर्मास्ते मयि सन्तु ते मयि सन्तु ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥