एकादश रुद्र (अजपाद रुद्र) मूल मंत्र
ॐ श्रीं बं सौं बलवर्धनाय बालेश्वराय रुद्राय फट् ॐ
शारीरिक एवं मानसिक बल में अभूतपूर्व वृद्धि, दुर्बलता का शमन तथा असीम ओज की प्राप्ति 7।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
शारीरिक एवं मानसिक बल में अभूतपूर्व वृद्धि, दुर्बलता का शमन तथा असीम ओज की प्राप्ति 7।
इस मंत्र से क्या होगा?
शारीरिक एवं मानसिक बल में अभूतपूर्व वृद्धि, दुर्बलता का शमन तथा असीम ओज की प्राप्ति
जाप विधि
उत्तर दिशा की ओर मुख करके, रुद्राक्ष माला से १०८ बार सस्वर या मानसिक जप करें 7।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
यां मेधां देवगणाः पितरश्चोपासते । तया मामद्य मेधयाऽग्ने मेधाविनं कुरु स्वाहा ॥
sabar mantraराम कुण्डली, ब्रह्मचाक । तेतीस कोटि देवा देवा अमुक की बेड़ियां । अमुकेर अंकेर बाण काटम्। शर काटम् । संधान काटम् । कुज्ञान काटम् । कारवणे काटे । राजा रामचन्द्रेर आज्ञा । राजा रामचन्द्ररे ऐई झण्डी अमुकेर अंगे शीघ्र लागूगे 25
vaidik mantraॐ प्रेष्ठं वो अतिथिं स्तुषे मित्रमिव प्रियम् । अग्ने रथं न वेद्यम् ॥
navgrah mantraजपाकुसुम संकाशं काश्यपेयं महाद्युतिम्। तमोऽरिं सर्वपापघ्नं प्रणतोऽस्मि दिवाकरम्॥
tantrik mantraॐ नमो भगवते स्वर्णाकर्षण भैरवाय धन धान्य वृद्धिकराय शीघ्रं वश्यं कुरु कुरु स्वाहा
bhakti mantraॐ श्री कालिकायै नमः