एकादश रुद्र (विरूपाक्ष रुद्र) मूल मंत्र
ॐ रुद्राय रोगनाशाय अगच्छ च राम ॐ नमः
असाध्य और दीर्घकालिक शारीरिक एवं मानसिक रोगों का समूल नाश तथा उत्तम स्वास्थ्य व प्राणशक्ति की प्राप्ति 7।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
असाध्य और दीर्घकालिक शारीरिक एवं मानसिक रोगों का समूल नाश तथा उत्तम स्वास्थ्य व प्राणशक्ति की प्राप्ति 7।
इस मंत्र से क्या होगा?
असाध्य और दीर्घकालिक शारीरिक एवं मानसिक रोगों का समूल नाश तथा उत्तम स्वास्थ्य व प्राणशक्ति की प्राप्ति
जाप विधि
भस्म धारण करके, पूर्ण शारीरिक व मानसिक पवित्रता के साथ रुद्राक्ष की माला से प्रतिदिन १०८ बार जप करना अमोघ माना गया है 7।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
गणेश शरणं शरणं गणेश
kaamya mantraॐ ऐं ऐं श्रीं श्रीं ह्रीं श्रीं पूर्ण पूर्ण वाक्सिद्धिं वाक्सिद्धिं दिव्यं दिव्यं आगच्छ आगच्छ ह्रीं श्रीं श्रीं ऐं ऐं ॐ ॐ नमः नमः।
tantrik mantraधूं धूं तंत्र बंधम स्तंभय नाशाय ठ: ठ: फट्
navgrah mantraॐ आ कृष्णेन रजसा वर्तमानो निवेशयन्नमृतं मर्त्यं च। हिरण्ययेन सविता रथेना देवो याति भुवनानि पश्यन्।।
vaidik mantraॐ ये ते पाशा वरुण सप्तसप्त त्रेधा तिष्ठन्ति विषिता रुशन्तः । छिनन्तु सर्वे अनृतं वदन्तं यः सत्यवाद्यति तं सृजन्तु ॥
gyan mantraॐ श्री हयग्रीवाय नमः ॥