यम मूल मंत्र
ॐ यमाय नमः
मृत्यु भय का निवारण, पितरों की शांति, जीवन में न्याय व कठोर अनुशासन की स्थापना एवं अकाल मृत्यु से साधक की रक्षा 52।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
मृत्यु भय का निवारण, पितरों की शांति, जीवन में न्याय व कठोर अनुशासन की स्थापना एवं अकाल मृत्यु से साधक की रक्षा 52।
इस मंत्र से क्या होगा?
मृत्यु भय का निवारण, पितरों की शांति, जीवन में न्याय व कठोर अनुशासन की स्थापना एवं अकाल मृत्यु से साधक की रक्षा
जाप विधि
दक्षिण दिशा की ओर मुख करके कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी या अमावस्या को रुद्राक्ष की माला से शांत चित्त होकर जप करें 52।
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