उग्र तारा (नील सरस्वती / एकाजटा) उग्र मंत्र
ॐ ह्ल्रीं ह्ल्रीं उग्र तारे क्रीं क्रीं फट्
अघोर साधना में अत्यंत शीघ्र सफलता, महा-विपत्ति एवं सर्व विघ्नों का शमन 21।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
अघोर साधना में अत्यंत शीघ्र सफलता, महा-विपत्ति एवं सर्व विघ्नों का शमन 21।
इस मंत्र से क्या होगा?
अघोर साधना में अत्यंत शीघ्र सफलता, महा-विपत्ति एवं सर्व विघ्नों का शमन
जाप विधि
लाल हकीक अथवा रुद्राक्ष की माला से दक्षिण दिशा की ओर मुख कर, मृगचर्म या ऊनी लाल आसन पर बैठें। गुरु मंत्र की 5 माला के पश्चात् ग्रहण काल में 108 माला जप करें 21।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं कृष्णाय गोविन्दाय गोपीजन वल्लभाय पराय परमपुरुषाय परात्मने परकर्म मन्त्र यन्त्र तन्त्र औषध विष आभिचार अस्त्र शस्त्र संहर संहर मृत्युर् मोचय मोचय । ॐ नमो भगवते महा सुदर्शनाय । ॐ प्रीं रीं रुँ दीप्त्रेय ज्वलापरीताय सर्वदिग्क्षोभनकाराय कारय हुं फट् परब्रह्मणे परमज्योतिषे स्वाहा ।
stotra mantraरामो राजमणि: सदा विजयते रामं रमेशं भजे । रामेणाभिहता निशाचरचमू रामाय तस्मै नम: । रामान्नास्ति परायणं परतरं रामस्य दासोऽस्म्यहम् । रामे चित्तलय: सदा भवतु मे भो राम मामुद्धर ॥ 16
vaidik mantraॐ समानी व आकूतिः समाना हृदयानि वः । समानमस्तु वो मनो यथा वः सुसहासति ॥
shanti mantraलोकाः समस्ताः सुखिनो भवन्तु ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
naam mantraचामुंडा
navgrah mantraॐ भृगुसुताय विद्महे दिव्यदेहाय धीमहि तन्नः शुक्रः प्रचोदयात्।