राहु बीज बीज मंत्र
रां
राहु ग्रह की सामान्य शांति और आध्यात्मिक संतुलन 71।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
राहु ग्रह की सामान्य शांति और आध्यात्मिक संतुलन 71।
इस मंत्र से क्या होगा?
राहु ग्रह की सामान्य शांति और आध्यात्मिक संतुलन
जाप विधि
रात के समय 108 बार 63।
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जामदग्न्य
shanti mantraॐ शं नो मित्रः शं वरुणः । शं नो भवत्वर्यमा । शं न इन्द्रो बृहस्पतिः । शं नो विष्णुरुरुक्रमः । नमो ब्रह्मणे । नमस्ते वायो । त्वमेव प्रत्यक्षं ब्रह्मासि । त्वामेव प्रत्यक्षं ब्रह्म वदिष्यामि । ऋतं वदिष्यामि । सत्यं वदिष्यामि । तन्मामवतु । तद्वक्तारमवतु । अवतु माम् । अवतु वक्तारम् ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
kavach mantraसकलायुध सम्पूर्ण निखिलाङ्ग सुदर्शन यदम कवच दिव्यम परमानंद दायिनं सौदर्शन यो सदा शुद्ध पठे नरह तस्या सिद्धि विपुला करस्था भवति ध्रुवं कोष्माण्ड चण्ड भूता ये दुष्टा ग्रहा स्मृता पलायन्ते निशंभीता वर्मनोस्य प्रभावतः कुष्ठा पस्मा गुलमा व्याध कर्म हेतुका नश्य तन मंत्रिता भूपाना सप्त दिनावधी अनेन मन्त्रिता मृतानां तुलसी मूल संस्थितां ललाटे तिलकं कृत्वा मोहये त्रिजगन्नरः। 17
sabar mantraओम ह्रीम नजर उतरजा कुरु कुरु स्वाहा 26
dhyan mantraवसुदेवसुतं देवं कंसचाणूरमर्दनम्। देवकीपरमानन्दं कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्॥
gyan mantraॐ ऐं ह्रीं क्लीं महासरस्वती देव्यै नमः ॥