राहु बीज बीज मंत्र
भ्रीं
अचानक होने वाले भारी आर्थिक नुकसान, धोखे और षड्यंत्रों से बचाव 71।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
अचानक होने वाले भारी आर्थिक नुकसान, धोखे और षड्यंत्रों से बचाव 71।
इस मंत्र से क्या होगा?
अचानक होने वाले भारी आर्थिक नुकसान, धोखे और षड्यंत्रों से बचाव
जाप विधि
शाम या रात के समय 108 बार 63।
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ॐ द्रां दत्तात्रेयाय नमः
kavach mantraनासां वैवस्वत: पातु मुखं मे भास्कर: सदा । नाभिं गृहपति: पातु मन्द: पातु कटिं तथा । पदौ मन्दगति: पातु सर्वांग पातु पिप्पल: । आंगो पांगानी सर्वानी रक्षे में सूर्य नंदन इत्तेत कवच देव पठे सूर्य सुतस्य यह नतस्य जायते पीडा प्रीतो भवति सूर्य जह व्यय जन्म द्वितीय मृत्यु स्थान गतो पिवा कलस्थो गतो वापी सुप्रीतु सदाशनी अष्टमस्थे सूर्यसुते व्यये जन्म द्वितीयगे। कवचं पठते नित्यं न पीडा जायते क्वचित्। इत्य तत कवचम दिव्यम सौरे निर्मित पुरा जन्म लग्न स्थिता दोषा सर्वान नाश्यते प्रभु इति शनि कवच संपूर्णं ॥ 20
stotra mantraशान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम् । लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिहृद्ध्यानगम्यं वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम् ॥ 12
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naam mantraशाकम्भरी