छिन्नमस्ता (शून्य सिद्धि प्रयोग) उग्र मंत्र
ॐ अक्षय श्री छिन्नमस्ता देवी जगत निवासनी अदृश्य सिद्धि शून्य गमन विजयै मम सिद्धि देहि देहि प्राण देहि देहि मम अमुक गौत्र अमुक शर्मा ह गुरूत्वाकर्षण शक्ति नाशय शून्य सिद्धि प्राप्तर्थं शक्ति स्याद विनियोग
भौतिक गुरुत्वाकर्षण शक्ति के प्रभाव का नाश, शून्य गमन सिद्धि व उच्च तांत्रिक ऊर्जा की निर्बाध प्राप्ति 7।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
भौतिक गुरुत्वाकर्षण शक्ति के प्रभाव का नाश, शून्य गमन सिद्धि व उच्च तांत्रिक ऊर्जा की निर्बाध प्राप्ति 7।
इस मंत्र से क्या होगा?
भौतिक गुरुत्वाकर्षण शक्ति के प्रभाव का नाश, शून्य गमन सिद्धि व उच्च तांत्रिक ऊर्जा की निर्बाध प्राप्ति
जाप विधि
मुख्य साधना से पूर्व हाथ में जल लेकर संकल्प व विनियोग के रूप में इस उग्र मंत्र का उच्चारण कर जल भूमि पर छोड़ें 7।
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