छिन्नमस्ता (शून्य सिद्धि प्रयोग) उग्र मंत्र
ॐ अक्षय श्री छिन्नमस्ता देवी जगत निवासनी अदृश्य सिद्धि शून्य गमन विजयै मम सिद्धि देहि देहि प्राण देहि देहि मम अमुक गौत्र अमुक शर्मा ह गुरूत्वाकर्षण शक्ति नाशय शून्य सिद्धि प्राप्तर्थं शक्ति स्याद विनियोग
भौतिक गुरुत्वाकर्षण शक्ति के प्रभाव का नाश, शून्य गमन सिद्धि व उच्च तांत्रिक ऊर्जा की निर्बाध प्राप्ति 7।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
भौतिक गुरुत्वाकर्षण शक्ति के प्रभाव का नाश, शून्य गमन सिद्धि व उच्च तांत्रिक ऊर्जा की निर्बाध प्राप्ति 7।
इस मंत्र से क्या होगा?
भौतिक गुरुत्वाकर्षण शक्ति के प्रभाव का नाश, शून्य गमन सिद्धि व उच्च तांत्रिक ऊर्जा की निर्बाध प्राप्ति
जाप विधि
मुख्य साधना से पूर्व हाथ में जल लेकर संकल्प व विनियोग के रूप में इस उग्र मंत्र का उच्चारण कर जल भूमि पर छोड़ें 7।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
ॐ शनैश्चराय विद्महे छायापुत्राय धीमहि तन्नो मन्दः प्रचोदयात्।
sabar mantraराम कुण्डली, ब्रह्मचाक । तेतीस कोटि देवा देवा अमुक की बेड़ियां । अमुकेर अंकेर बाण काटम्। शर काटम् । संधान काटम् । कुज्ञान काटम् । कारवणे काटे । राजा रामचन्द्रेर आज्ञा । राजा रामचन्द्ररे ऐई झण्डी अमुकेर अंगे शीघ्र लागूगे 25
tantrik mantraॐ नमो भगवते महानृसिंहाय सिंहाय सिंहमुखाय विकटाय वज्रनखाय मां रक्ष रक्ष ममशरीरं नखशिखापर्यन्तं रक्ष रक्ष कुरु कुरु मदीयं शरीरं वज्राङ्गम् कुरु कुरु परयन्त्र परमन्त्र परतन्त्राणां क्षिणु क्षिणु स्तम्भय स्तम्भय स्वाहा
stotra mantraसर्वाण्येतानि भगन्नामरूपास्त्रकीर्तनात्। प्रयान्तु संक्षयं सद्यो ये नः श्रेयः प्रतीपकाः।। 7
mool mantraॐ गं ग्लौं श्रौं ग्लौं गं ॐ नमः
gyan mantraज्ञानम् आनंद मयं देवं निर्मल स्पटिकाकृतिम् । आधारं सर्व विद्यानां हयग्रीवं उपास्मे ॥