माँ दुर्गा नाम मंत्र
जगदम्बे
समस्त जगत की बाधाओं पर विजय, समाज में अपार सम्मान एवं ऐश्वर्य।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
समस्त जगत की बाधाओं पर विजय, समाज में अपार सम्मान एवं ऐश्वर्य।
इस मंत्र से क्या होगा?
समस्त जगत की बाधाओं पर विजय, समाज में अपार सम्मान एवं ऐश्वर्य
जाप विधि
विश्व-कल्याण की भावना से नित्य नियमपूर्वक जप।
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नासां वैवस्वत: पातु मुखं मे भास्कर: सदा । नाभिं गृहपति: पातु मन्द: पातु कटिं तथा । पदौ मन्दगति: पातु सर्वांग पातु पिप्पल: । आंगो पांगानी सर्वानी रक्षे में सूर्य नंदन इत्तेत कवच देव पठे सूर्य सुतस्य यह नतस्य जायते पीडा प्रीतो भवति सूर्य जह व्यय जन्म द्वितीय मृत्यु स्थान गतो पिवा कलस्थो गतो वापी सुप्रीतु सदाशनी अष्टमस्थे सूर्यसुते व्यये जन्म द्वितीयगे। कवचं पठते नित्यं न पीडा जायते क्वचित्। इत्य तत कवचम दिव्यम सौरे निर्मित पुरा जन्म लग्न स्थिता दोषा सर्वान नाश्यते प्रभु इति शनि कवच संपूर्णं ॥ 20
siddh mantraॐ गं गरिमायै नमः स्वाहा ।
jap mantraॐ श्रीं क्लीं ह्रीं सप्तशति चण्डिके उत्कीलनं कुरु कुरु स्वाहा
beej mantraद्रौं
dhyan mantraॐ जटाजूटसमायुक्तमर्धेन्दुकृतलक्षणम्। लोचनत्रयसंयुक्तं पातु मां सर्वतोमुखीम्॥
ugra mantraॐ क्रीं हूं क्रीं सर्व शत्रु स्तंभिनी घोर कालिकायै फट्