ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
धूमावती महाविद्या

धूमावती महाविद्या सिद्ध मंत्र

ॐ धूं धूं धूमावती स्वाहा

अष्टसिद्धियों की प्राप्ति और कुण्डलिनी चक्र का तीव्र जागरण 9। यह केतु ग्रह के महादोष, असाध्य दरिद्रता, और गंभीर संकटों का नाश करता है 9। जीवन की नश्वरता का बोध कराकर मृत्यु के भय को समाप्त करता है और

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारसिद्ध मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

अष्टसिद्धियों की प्राप्ति और कुण्डलिनी चक्र का तीव्र जागरण 9। यह केतु ग्रह के महादोष, असाध्य दरिद्रता, और गंभीर संकटों का नाश करता है 9। जीवन की नश्वरता का बोध कराकर मृत्यु के भय को समाप्त करता है और परम मोक्ष प्रदान करता है 9।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

अष्टसिद्धियों की प्राप्ति और कुण्डलिनी चक्र का तीव्र जागरण 9

02

यह केतु ग्रह के महादोष, असाध्य दरिद्रता, और गंभीर संकटों का नाश करता है 9

03

जीवन की नश्वरता का बोध कराकर मृत्यु के भय को समाप्त करता है और परम मोक्ष प्रदान करता है

जाप विधि

शनिवार प्रातः रुद्राक्ष की माला से न्यूनतम १००८ बार जप 9। पूर्ण सिद्धि हेतु १,२५,००० जप आवश्यक हैं 9। देवी को सरसों का तेल, काले तिल और काले वस्त्र अर्पित किए जाते हैं 39। ध्यान में शून्य (Void) और धुएं का विचार किया जाता है 39।

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