धूमावती महाविद्या सिद्ध मंत्र
ॐ धूं धूं धूमावती स्वाहा
अष्टसिद्धियों की प्राप्ति और कुण्डलिनी चक्र का तीव्र जागरण 9। यह केतु ग्रह के महादोष, असाध्य दरिद्रता, और गंभीर संकटों का नाश करता है 9। जीवन की नश्वरता का बोध कराकर मृत्यु के भय को समाप्त करता है और
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
अष्टसिद्धियों की प्राप्ति और कुण्डलिनी चक्र का तीव्र जागरण 9। यह केतु ग्रह के महादोष, असाध्य दरिद्रता, और गंभीर संकटों का नाश करता है 9। जीवन की नश्वरता का बोध कराकर मृत्यु के भय को समाप्त करता है और परम मोक्ष प्रदान करता है 9।
इस मंत्र से क्या होगा?
अष्टसिद्धियों की प्राप्ति और कुण्डलिनी चक्र का तीव्र जागरण 9
यह केतु ग्रह के महादोष, असाध्य दरिद्रता, और गंभीर संकटों का नाश करता है 9
जीवन की नश्वरता का बोध कराकर मृत्यु के भय को समाप्त करता है और परम मोक्ष प्रदान करता है
जाप विधि
शनिवार प्रातः रुद्राक्ष की माला से न्यूनतम १००८ बार जप 9। पूर्ण सिद्धि हेतु १,२५,००० जप आवश्यक हैं 9। देवी को सरसों का तेल, काले तिल और काले वस्त्र अर्पित किए जाते हैं 39। ध्यान में शून्य (Void) और धुएं का विचार किया जाता है 39।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
जय भगवान
stotra mantraनमस्ते गरुडारूढे कोलासुरभयंकरि । सर्वपापहरे देवि महालक्ष्मि नमोऽस्तु ते ॥ 29
beej mantraद्रौं
mool mantraॐ पृथ्वी देव्यै नमः
kaamya mantraसर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥
shanti mantraॐ असतो मा सद्गमय । तमसो मा ज्योतिर्गमय । मृत्योर्माऽमृतं गमय ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥