गुरु नवग्रह मंत्र
ॐ वृषभध्वजाय विद्महे घृणिहस्ताय धीमहि तन्नो गुरुः प्रचोदयात्।
धर्म व न्याय के क्षेत्र में प्रतिष्ठा, न्यायिक विवादों में सत्य की विजय और समाज में आदरणीय स्थान की प्राप्ति हेतु। 16
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
धर्म व न्याय के क्षेत्र में प्रतिष्ठा, न्यायिक विवादों में सत्य की विजय और समाज में आदरणीय स्थान की प्राप्ति हेतु। 16
इस मंत्र से क्या होगा?
धर्म व न्याय के क्षेत्र में प्रतिष्ठा, न्यायिक विवादों में सत्य की विजय और समाज में आदरणीय स्थान की प्राप्ति हेतु
जाप विधि
नित्य पीला चंदन धारण कर एक सौ आठ बार जप। 16
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
ॐ द्यौः शान्तिरन्तरिक्षं शान्तिः पृथिवी शान्तिरापः शान्तिरोषधयः शान्तिः । वनस्पतयः शान्तिर्विश्वेदेवाः शान्तिर्ब्रह्म शान्तिः सर्वं शान्तिः शान्तिरेव शान्तिः सा मा शान्तिरेधि ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
kavach mantraऊरू रघूत्तमः पातु रक्षःकुलविनाशकृत्। जानुनी सेतुकृत् पातु जङ्घे दशमुखान्तकः। पादौ विभीषणश्रीदः पातु रामोऽखिलं वपुः। एतां रामबलोपेतां रक्षां यः सुकृती पठेत्। स चिरायुः सुखी पुत्री विजयी विनयी भवेत्। पातालभूतलव्योम- चारिणश्छद्मचारिणः। न द्रष्टुमपि शक्तास्ते रक्षितं रामनामभिः। रामेति रामभद्रेति रामचन्द्रेति वा स्मरन्। नरो न लिप्यते पापैर्भुक्तिं मुक्तिं च विन्दति। जगज्जैत्रैकमन्त्रेण रामनाम्नाभिरक्षितम्। यः कण्ठे धारयेत्तस्य करस्थाः सर्वसिद्धयः। वज्रपञ्जरनामेदं यो रामकवचं स्मरेत्। अव्याहताज्ञः सर्वत्र लभते जयमङ्गलम्। 34
sabar mantraओम ह्रीम नजर उतरजा कुरु कुरु स्वाहा 26
tantrik mantraॐ बं बटुकाय नमः
ugra mantraॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं वज्र वैरोचनीये हूं हूं फट् स्वाहा
siddh mantraॐ त्रिपुरायै विद्महे महाभैरव्यै धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात् ॥