ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
गुरु

गुरु नवग्रह मंत्र

ॐ बृं बृहस्पतये नमः (अथवा ॐ ह्रीं क्लीं हूं बृहस्पतये नमः)

गुरु के मारक प्रभाव का दैनिक शमन, पाचन तंत्र के रोगों से बचाव और सामान्य गुरु दोष की त्वरित शांति हेतु। 7

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

जप काउंटर लोड हो रहा है...

प्रकारनवग्रह मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

गुरु के मारक प्रभाव का दैनिक शमन, पाचन तंत्र के रोगों से बचाव और सामान्य गुरु दोष की त्वरित शांति हेतु। 7

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

गुरु के मारक प्रभाव का दैनिक शमन, पाचन तंत्र के रोगों से बचाव और सामान्य गुरु दोष की त्वरित शांति हेतु

जाप विधि

नित्य संध्या या प्रातः काल एक सौ आठ बार हल्दी माला से। 7

विशेष टिप्पणियाँ

इसे भी पढ़ें

अलग-अलग श्रेणियों से

हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें

siddh mantra

ॐ सहस्रार हुं फट्

ugra mantra

ॐ ह्रीं ह्रीं हूं हूं क्रीं क्रीं क्रीं दक्षिणे कालिके क्रीं क्रीं क्रीं हूं हूं ह्रीं ह्रीं स्वाहा

sabar mantra

गुरु गोरखनाथ की दुहाई। भूत-प्रेत भागे, मारो घुड़ाई। शब्द सांचा, पीर मेरा पावना। गुरु गोरखनाथ की आग्या 13

dhyan mantra

गजाननं भूतगणादिसेवितं कपित्थजम्बूफलचारुभक्षणम्। उमासुतं शोकविनाशकारकं नमामि विघ्नेश्वरपादपङ्कजम्॥

gyan mantra

मेधां म इन्द्रो दधातु मेधां देवी सरस्वती । मेधां मे अश्विनावुभावाधत्तां पुष्करस्रजा । अप्सरासु च या मेधा गन्धर्वेषु च यन्मनः । दैवीं मेधा सरस्वती सा मां मेधा सुरभिर्जुषतां स्वाहा ॥

bhakti mantra

ॐ श्री सीतारामचन्द्राभ्यां नमः