गुरु नवग्रह मंत्र
ॐ बृं बृहस्पतये नमः (अथवा ॐ ह्रीं क्लीं हूं बृहस्पतये नमः)
गुरु के मारक प्रभाव का दैनिक शमन, पाचन तंत्र के रोगों से बचाव और सामान्य गुरु दोष की त्वरित शांति हेतु। 7
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
गुरु के मारक प्रभाव का दैनिक शमन, पाचन तंत्र के रोगों से बचाव और सामान्य गुरु दोष की त्वरित शांति हेतु। 7
इस मंत्र से क्या होगा?
गुरु के मारक प्रभाव का दैनिक शमन, पाचन तंत्र के रोगों से बचाव और सामान्य गुरु दोष की त्वरित शांति हेतु
जाप विधि
नित्य संध्या या प्रातः काल एक सौ आठ बार हल्दी माला से। 7
विशेष टिप्पणियाँ
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