गुरु नवग्रह मंत्र
ॐ बृं बृहस्पतये नमः (अथवा ॐ ह्रीं क्लीं हूं बृहस्पतये नमः)
गुरु के मारक प्रभाव का दैनिक शमन, पाचन तंत्र के रोगों से बचाव और सामान्य गुरु दोष की त्वरित शांति हेतु। 7
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
गुरु के मारक प्रभाव का दैनिक शमन, पाचन तंत्र के रोगों से बचाव और सामान्य गुरु दोष की त्वरित शांति हेतु। 7
इस मंत्र से क्या होगा?
गुरु के मारक प्रभाव का दैनिक शमन, पाचन तंत्र के रोगों से बचाव और सामान्य गुरु दोष की त्वरित शांति हेतु
जाप विधि
नित्य संध्या या प्रातः काल एक सौ आठ बार हल्दी माला से। 7
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
ॐ श्री महालक्ष्म्यै नमः
vaidik mantraॐ ईशावास्यमिदं सर्वं यत्किञ्च जगत्यां जगत् । तेन त्यक्तेन भुञ्जीथा मा गृधः कस्यस्विद्धनम् ॥
mool mantraॐ बुद्धाय नमः
dhyan mantraॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्॥
beej mantraग्रौं
stotra mantraकमले कमलाक्ष वल्लभे त्वं करुणा पूर तरङ्गितैरपाङ्गैः । अवलोकय मामकिञ्चनानां प्रथमं पात्रमकृत्रिमं दयायाः ॥ 26