ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
भगवान श्री सूर्य नारायण

भगवान श्री सूर्य नारायण भक्ति मंत्र

ॐ आदित्याय नमः

ब्रह्मांड की मूल ऊर्जा के साथ जुड़ना और शारीरिक तथा मानसिक आरोग्यता प्राप्त करना 85।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

जप काउंटर लोड हो रहा है...

प्रकारभक्ति मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

ब्रह्मांड की मूल ऊर्जा के साथ जुड़ना और शारीरिक तथा मानसिक आरोग्यता प्राप्त करना 85।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

ब्रह्मांड की मूल ऊर्जा के साथ जुड़ना और शारीरिक तथा मानसिक आरोग्यता प्राप्त करना

जाप विधि

सूर्य देव के आदित्या स्वरूप (अदिति के पुत्र) का ध्यान करते हुए प्रातः काल इसका वाचिक या मानसिक जप किया जाता है 83।

विशेष टिप्पणियाँ

इसे भी पढ़ें

अलग-अलग श्रेणियों से

हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें

kavach mantra

नासिकां पातु मे लक्ष्मीः कमला पातु लोचनम् ॥ ॐ श्रीं पद्मालयायै स्वाहा वक्षः सदावतु ॥ पातु श्रीर्मम कंकालं बाहुयुग्मं च ते नमः ॥ ओम ह्रीम श्रीम लक्ष्मी नमः चिरकाल तक मेरे पैरों का पालन करें ओम ह्रीम श्रीम नमः पद्माए स्वाहा नितम भाग की रक्षा करें ओम श्रीम महालक्ष्मी स्वाहा मेरे सर्वांग की सदा रक्षा करें ओम ह्रीम श्रीम क्लीम महालक्ष्मी स्वाहा आद्या शक्ति महालक्ष्मी भक्तानुग्रहकारिणी धारके पाठके चैव निश्चला निवसे ध्रुवं तंत्रोक्तम लक्ष्मी कवच संपूर्ण ओम 31

beej mantra

ह्रीं

ugra mantra

अं ङं ञं णं नं मं

shanti mantra

ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः । सर्वे सन्तु निरामयाः । सर्वे भद्राणि पश्यन्तु । मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत् ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥

navgrah mantra

ॐ बृं बृहस्पतये नमः (अथवा ॐ ह्रीं क्लीं हूं बृहस्पतये नमः)

sabar mantra

दुहाई लोना चमारिन की, आन बीर मसान की (अमुक का नाम) 20