देवी वैष्णवी काम्य मंत्र
त्वं वैष्णवी शक्तिरनन्तवीर्या विश्वस्य बीजं परमासि माया। सम्मोहितं देवि समस्तमेतत् त्वं वै प्रसन्ना भुवि मुक्तिहेतुः॥
सांसारिक मोह-माया से पूर्ण मुक्ति और परम मोक्ष की प्राप्ति 28।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
सांसारिक मोह-माया से पूर्ण मुक्ति और परम मोक्ष की प्राप्ति 28।
इस मंत्र से क्या होगा?
सांसारिक मोह-माया से पूर्ण मुक्ति और परम मोक्ष की प्राप्ति
जाप विधि
निष्काम या सकाम भाव से मोक्ष प्राप्ति हेतु नित्य जप 28।
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ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं वज्र वैरोचनीये हूं हूं फट् स्वाहा ॥
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gyan mantraॐ ऐं सरस्वत्यै नमः ॐ ॥
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kavach mantraनासां वैवस्वत: पातु मुखं मे भास्कर: सदा । नाभिं गृहपति: पातु मन्द: पातु कटिं तथा । पदौ मन्दगति: पातु सर्वांग पातु पिप्पल: । आंगो पांगानी सर्वानी रक्षे में सूर्य नंदन इत्तेत कवच देव पठे सूर्य सुतस्य यह नतस्य जायते पीडा प्रीतो भवति सूर्य जह व्यय जन्म द्वितीय मृत्यु स्थान गतो पिवा कलस्थो गतो वापी सुप्रीतु सदाशनी अष्टमस्थे सूर्यसुते व्यये जन्म द्वितीयगे। कवचं पठते नित्यं न पीडा जायते क्वचित्। इत्य तत कवचम दिव्यम सौरे निर्मित पुरा जन्म लग्न स्थिता दोषा सर्वान नाश्यते प्रभु इति शनि कवच संपूर्णं ॥ 20
beej mantraहौं