भगवान शिव बीज बीज मंत्र
हौं
भगवान शिव की ऊर्जा का सीधा आह्वान, मानसिक शांति की स्थापना और जीवन से सभी प्रकार की बाधाओं व नकारात्मकताओं का समूल नाश 16।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
भगवान शिव की ऊर्जा का सीधा आह्वान, मानसिक शांति की स्थापना और जीवन से सभी प्रकार की बाधाओं व नकारात्मकताओं का समूल नाश 16।
इस मंत्र से क्या होगा?
भगवान शिव की ऊर्जा का सीधा आह्वान, मानसिक शांति की स्थापना और जीवन से सभी प्रकार की बाधाओं व नकारात्मकताओं का समूल नाश
जाप विधि
प्रातः काल स्वच्छ अवस्था में 108 बार जप करें (किसी योग्य गुरु के निर्देशन में अनुशंसित) 16।
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ॐ सह नाववतु। सह नौ भुनक्तु। सह वीर्यं करवावहै। तेजस्वि नावधीतमस्तु मा विद्विषावहै। ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
kavach mantraशम्भुर्मे मस्तकं पातु मुखं पातु महेश्वरः। दन्तपङ्क्तिं च नीलकण्ठोऽप्यधरोष्ठं हरः स्वयम्। कण्ठं पातु चन्द्रचूडः स्कन्धौ वृषवाहनः। वक्षःस्थलं नीलकण्ठः पातु पृष्ठं दिगम्बरः। स्वप्ने जागरणे चैव स्थाणुर्मे पातु सन्ततम्। 8
ugra mantraॐ ह्रीं श्रीं उग्र तारे तुतारे देवदत्त फट्
dhyan mantraबर्हापीडं नटवरवपुः कर्णयोः कर्णिकारं बिभ्रद्वासः कनककपिशं वैजयन्तीं च मालाम्। रन्ध्रान् वेणोरधरसुधया पूरयन् गोपवृन्दैर्वृन्दारण्यं स्वपदरमणं प्राविशद् गीतकीर्तिः॥
stotra mantraभूः पादौ यस्य नाभिर्वियदसुरनिलश्चन्द्र सूर्यौ च नेत्रे कर्णावाशाः शिरो द्यौर्मुखमपि दहनो यस्य वास्तेयमब्धिः। अन्तःस्थं यस्य विश्वं सुरनरखगगोभोगिगन्धर्वदैत्यैः चित्रं रंरम्यते तं त्रिभुवन वपुषं विष्णुमीशं नमामि ॥ 10
vaidik mantraॐ यज्जाग्रतो दूरमुदैति दैवं तदु सुप्तस्य तथैवैति । दूरंगमं ज्योतिषां ज्योतिरेकं तन्मे मनः शिवसंकल्पमस्तु ।।