माता सरस्वती (बीज) जप मंत्र
ॐ ऐं क्लीं सौः
ज्ञान, शिक्षा और संगीत में सर्वोच्च सफलता। 51
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
ज्ञान, शिक्षा और संगीत में सर्वोच्च सफलता। 51
इस मंत्र से क्या होगा?
ज्ञान, शिक्षा और संगीत में सर्वोच्च सफलता
जाप विधि
१,२५,००० जप अनुष्ठान (सवा लाख), स्फटिक माला। 50
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मेधां मे वरुणो ददातु मेधामग्निः प्रजापतिः । मेधामिन्द्रश्च वायुश्च मेधां धाता ददातु मे स्वाहा ॥
sabar mantraॐ नमो आदेश गुरु का आदेश काली काली महाकाली इन्द्र की बेटी ब्रम्हा की साली चाम की गठरी हाड़ की माला भजो आनन्द सुंदरी बाला। भरपूर वसन करले उठाई काम क्रन्ति कलिका आई लुच्ची मोहन भोग भेट कड़ाही जहा भेजा वहा जाई कष्ट दुखो से लेव बचाई सभी देत्यन को मार भगाई आदि अंत तू रही सहाई में पूत तू मेरी माई सब दुखन से लेव बचाई गुरु की शक्ति हमारी भक्ति फुरे मंत्र दोहाई काली की ईश्वरो वाचा 12
vaidik mantraॐ परोऽपेहि मनस्पाप किमशस्तानि शंससि । परेहि न त्वा कामये वृक्षान् वनानि सं चर गृहेषु गोषु मे मनः ॥
navgrah mantraॐ बृं बृहस्पतये नमः (अथवा ॐ ह्रीं क्लीं हूं बृहस्पतये नमः)
mool mantraॐ रुद्राय रोगनाशाय अगच्छ च राम ॐ नमः
tantrik mantraॐ धूम्र लोचनी उग्र रूपिनी सकल विष्छेदिनी सकल विष संचय नाशय नाशय मारय मारय विषमज्वर ताप ज्वर शीत ज्वर वात ज्वर लूत ज्वर पयत्य ज्वर श्लेष्म ज्वर मोह ज्वर संदीपात ज्वर प्रेत ज्वर पिशाच ज्वर कृत्रिम ज्वर सकल रोग निवारिणी सकल ग्रह छेदिनी धूं धूं धूं धूं धूं धूमावती माम रक्षा रक्ष शीघ्रम शीघ्रमाच्छा गच्छ क्षिप्रमेव आरोग्यम कुरु कुरु हुम फट धूम धूम धूमावती स्वाहा