भगवान कार्तिकेय (स्कन्द) जप मंत्र
ॐ कार्तिकेयाय विद्महे वल्लीनाथाय धीमहि तन्नो स्कन्दः प्रचोदयात्
मनोकामनाओं की त्वरित पूर्ति, ब्रह्मचर्य की रक्षा, नेतृत्व क्षमता में वृद्धि और विजय की प्राप्ति। 58
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
मनोकामनाओं की त्वरित पूर्ति, ब्रह्मचर्य की रक्षा, नेतृत्व क्षमता में वृद्धि और विजय की प्राप्ति। 58
इस मंत्र से क्या होगा?
मनोकामनाओं की त्वरित पूर्ति, ब्रह्मचर्य की रक्षा, नेतृत्व क्षमता में वृद्धि और विजय की प्राप्ति
जाप विधि
१०८ बार, रुद्राक्ष की माला, विशेष रूप से षष्ठी तिथि या मंगलवार के दिन। ब्रह्मचर्य अनिवार्य। 58
विशेष टिप्पणियाँ
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