श्री राधा-कृष्ण भक्ति मंत्र
गोविन्द राधे राधे श्याम गोपाल राधे राधे
मन को सांसारिक प्रपंचों से हटाकर वृंदावन की रस-उपासना में लीन करना, और राधा-भाव (सर्वोच्च समर्पण) के माध्यम से भगवान कृष्ण की कृपा प्राप्त करना 16।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
मन को सांसारिक प्रपंचों से हटाकर वृंदावन की रस-उपासना में लीन करना, और राधा-भाव (सर्वोच्च समर्पण) के माध्यम से भगवान कृष्ण की कृपा प्राप्त करना 16।
इस मंत्र से क्या होगा?
मन को सांसारिक प्रपंचों से हटाकर वृंदावन की रस-उपासना में लीन करना, और राधा-भाव (सर्वोच्च समर्पण) के माध्यम से भगवान कृष्ण की कृपा प्राप्त करना
जाप विधि
यह संकीर्तन आधारित मंत्र है जिसे समूह में करताल और झांझ के साथ या एकांत में मानसिक रूप से लयबद्ध तरीके से जपा जाता है 16। इसे जपते समय राधा और श्याम के संयुक्त स्वरूप का मानसिक दर्शन करना चाहिए 33।
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ऐं श्रीं ह्रीं क्लीं॥
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