बगलामुखी (स्तंभन विद्या) तांत्रिक तांत्रिक मंत्र
ॐ ह्रीं बगलामुखी सर्व दुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तंभय जिव्हां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्रीं ॐ स्वाहा
दुष्ट शत्रुओं की वाणी, मुख, पैर और बुद्धि का पूर्ण स्तंभन (Paralysis of enemies' actions and speech) 32।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
दुष्ट शत्रुओं की वाणी, मुख, पैर और बुद्धि का पूर्ण स्तंभन (Paralysis of enemies' actions and speech) 32।
इस मंत्र से क्या होगा?
दुष्ट शत्रुओं की वाणी, मुख, पैर और बुद्धि का पूर्ण स्तंभन (Paralysis of enemies' actions and speech)
जाप विधि
पीत वस्त्र धारण कर पीतासन पर उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठें (शांत कर्म हेतु), अथवा दक्षिण दिशा की ओर मुख करें (उग्र मारण/स्तंभन हेतु)। हल्दी की माला से एकाग्रचित्त होकर जप करें 32।
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ॐ ह्रीं क्लीं हूँ मातंग्यै फट् स्वाहा
sabar mantraमाई नथिया पांचो बावरी पीर गोगा जहार वर तेरे साथ चले चलो इस्माइल जोगी चलो मेरे शब्द पर चलो सत्य पर धर्म पर चलो ना चलो तो आदि शक्ति कामाख्या की आन माता सहजा योगिन की आन शिवशंकर की आन शब्द साचा पेंड काचा देखो इस्माल जोगी तेरे शब्द का तमाशा सत्य का नाम आदेश आदेश आदेश 14
kavach mantraऊरू रघूत्तमः पातु रक्षःकुलविनाशकृत्। जानुनी सेतुकृत् पातु जङ्घे दशमुखान्तकः। पादौ विभीषणश्रीदः पातु रामोऽखिलं वपुः। एतां रामबलोपेतां रक्षां यः सुकृती पठेत्। स चिरायुः सुखी पुत्री विजयी विनयी भवेत्। पातालभूतलव्योम- चारिणश्छद्मचारिणः। न द्रष्टुमपि शक्तास्ते रक्षितं रामनामभिः। रामेति रामभद्रेति रामचन्द्रेति वा स्मरन्। नरो न लिप्यते पापैर्भुक्तिं मुक्तिं च विन्दति। जगज्जैत्रैकमन्त्रेण रामनाम्नाभिरक्षितम्। यः कण्ठे धारयेत्तस्य करस्थाः सर्वसिद्धयः। वज्रपञ्जरनामेदं यो रामकवचं स्मरेत्। अव्याहताज्ञः सर्वत्र लभते जयमङ्गलम्। 34
gyan mantraॐ श्री हयग्रीवाय नमः ॥
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