बगलामुखी (स्तंभन विद्या) तांत्रिक तांत्रिक मंत्र
ॐ ह्रीं बगलामुखी सर्व दुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तंभय जिव्हां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्रीं ॐ स्वाहा
दुष्ट शत्रुओं की वाणी, मुख, पैर और बुद्धि का पूर्ण स्तंभन (Paralysis of enemies' actions and speech) 32।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
दुष्ट शत्रुओं की वाणी, मुख, पैर और बुद्धि का पूर्ण स्तंभन (Paralysis of enemies' actions and speech) 32।
इस मंत्र से क्या होगा?
दुष्ट शत्रुओं की वाणी, मुख, पैर और बुद्धि का पूर्ण स्तंभन (Paralysis of enemies' actions and speech)
जाप विधि
पीत वस्त्र धारण कर पीतासन पर उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठें (शांत कर्म हेतु), अथवा दक्षिण दिशा की ओर मुख करें (उग्र मारण/स्तंभन हेतु)। हल्दी की माला से एकाग्रचित्त होकर जप करें 32।
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